ब्रिटानिया के बिस्किट और डेयरी उत्पाद होंगे महंगे; ईरान युद्ध के कारण माल ढुलाई और कच्चे माल की लागत में भारी उछाल

ब्रिटानिया के बिस्किट और डेयरी उत्पाद होंगे महंगे; ईरान युद्ध के कारण माल ढुलाई और कच्चे माल की लागत में भारी उछाल

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही से कीमतों में बढ़ोतरी करेगी। ईरान युद्ध के कारण फ्रेट कॉस्ट और कोको, पाम ऑयल की बढ़ती कीमतों ने कंपनी को यह फैसला लेने पर मजबूर किया है।

भारत के एफएमसीजी (FMCG) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी और ‘गुड डे’ जैसे लोकप्रिय बिस्किट बनाने वाली ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज (Britannia Industries) ने शुक्रवार को उपभोक्ताओं को महंगाई का बड़ा झटका दिया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) से अपने उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू करेगी। इस फैसले के पीछे मुख्य कारण ईरान युद्ध के चलते माल ढुलाई (Freight) और कच्चे माल की लागत में आई भारी तेजी को बताया गया है।

ईरान युद्ध और वैश्विक संकट: क्यों बढ़ेंगी कीमतें?

8 मई को अपनी इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के दौरान ब्रिटानिया ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से अमेरिका-ईरान युद्ध की स्थिति ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है। कंपनी के अनुसार, ईंधन की कीमतों में उछाल और समुद्री माल ढुलाई (Ocean Freight) दरों में हुई बेतहाशा वृद्धि ने इनपुट लागत को काफी बढ़ा दिया है। ब्रिटानिया ने कहा, “हम Q1’27 से नपे-तुले ढंग से (Calibrated) कीमतों में वृद्धि शुरू कर रहे हैं ताकि ऊंचे कमोडिटी और लॉजिस्टिक खर्चों को संतुलित किया जा सके।”

बिस्किट से लेकर डेयरी तक: आपकी रसोई पर पड़ेगा सीधा असर

इस मूल्य वृद्धि का असर ब्रिटानिया के मास-मार्केट और प्रीमियम दोनों श्रेणियों पर पड़ेगा। उपभोक्ताओं को ग्लूकोज, मैरी और क्रीम वेरिएंट जैसे रोजमर्रा के बिस्किट के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसके अलावा, केक, रस्क, ब्रेड और डेयरी उत्पाद जैसे पनीर और दूध आधारित आइटम भी महंगे होने की संभावना है।

हालांकि कंपनी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि कीमतों में कितनी प्रतिशत वृद्धि होगी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां अक्सर ‘श्रिंकफ्लेशन’ (Shrinkflation) का सहारा लेती हैं। इसका मतलब है कि उपभोक्ता को या तो उसी कीमत पर कम वजन (Grammage Cut) का उत्पाद मिलेगा या फिर उसी पैकेट के लिए 5% से 10% तक अधिक भुगतान करना होगा।

कच्चे माल में महंगाई का दोहरा हमला

ईंधन के अलावा, ब्रिटानिया खाद्य सामग्रियों की बढ़ती कीमतों से भी जूझ रही है। कंपनी ने विशेष रूप से कोको (Cocoa), मैदा (Flour) और पाम ऑयल जैसी प्रमुख वस्तुओं में मुद्रास्फीति के रुझानों को रेखांकित किया है। कोको की कीमतों में वैश्विक स्तर पर आई ऐतिहासिक तेजी ने चॉकलेट आधारित बिस्कुट और केक की उत्पादन लागत को कई गुना बढ़ा दिया है। कंपनी ने अपनी आपूर्ति संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए भारत और विदेशी संयंत्रों के बीच सोर्सिंग को ऑप्टिमाइज करने की योजना बनाई है, जिससे मई के मध्य तक कुछ दबाव कम होने की उम्मीद है।

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कीमतों में वृद्धि की खबर और कमजोर बिक्री वृद्धि के कारण शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के शेयरों में हड़कंप मच गया। कंपनी के शेयर 5% तक गिरकर तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गए। हालांकि, गुरुवार देर रात जारी नतीजों में ब्रिटानिया ने समेकित त्रैमासिक लाभ में 20% से अधिक की वृद्धि (678 करोड़ रुपये) दर्ज की थी, लेकिन राजस्व वृद्धि (Sales Growth) की धीमी रफ्तार ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है।

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