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BIMSTEC देशों ने दिल्ली घोषणा को मंजूरी देकर सीमा पार आतंकवाद, आतंकवाद के वित्तपोषण, मानव तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए क्षेत्रीय सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई।
बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए BIMSTEC देशों ने मंगलवार को दिल्ली घोषणा को मंजूरी दे दी। इस घोषणा के माध्यम से सदस्य देशों ने क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इसमें सीमा पार आतंकवाद, आतंकवाद के वित्तपोषण, कट्टरपंथ, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों से मिलकर निपटने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, सदस्य देशों ने आतंकवाद और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले हिंसक उग्रवाद की सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में कड़ी निंदा की। इसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है, चाहे वह कहीं भी हो, किसी के द्वारा किया गया हो या उसका उद्देश्य कुछ भी हो। देशों ने आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद को व्यापक तथा निरंतर तरीके से रोकने, मुकाबला करने और समाप्त करने के अपने संकल्प को दोहराया। साथ ही संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप कार्रवाई करने तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसमें सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति के उपाय भी शामिल हैं। सदस्य देशों ने आतंकवादी हमलों के पीड़ितों, उनके परिवारों और प्रभावित देशों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को संबंधित घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कानूनों तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।
आतंकवाद, कट्टरपंथ और साइबर अपराध से निपटने की तैयारी
दिल्ली घोषणा में सदस्य देशों ने स्वीकार किया कि बंगाल की खाड़ी क्षेत्र को जटिल और लगातार बदलती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, संगठित अपराध, साइबर अपराध, धनशोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण जैसी समस्याएं किसी एक देश तक सीमित नहीं हैं। मानव तस्करी, हथियारों की तस्करी, समुद्री डकैती, अवैध शिकार, गैरकानूनी प्रवासन और इंटरनेट के दुरुपयोग जैसी चुनौतियां भी क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित करती हैं। ऐसे में सदस्य देशों ने साझा जिम्मेदारी और आपसी सहयोग की भावना के साथ इन समस्याओं का मुकाबला करने पर सहमति जताई। घोषणा में कट्टरपंथ और आतंकवादी गतिविधियों के लिए लोगों की भर्ती रोकने पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही नई और उभरती प्रौद्योगिकियों का आतंकवादी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल रोकने की आवश्यकता बताई गई। सदस्य देशों ने आतंकवाद के वित्तपोषण और धनशोधन पर रोक लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किए गए मानकों को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की। यह सहयोग संबंधित देशों के घरेलू कानूनों और लागू अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप किया जाएगा। घोषणा में सूचना साझा करने, कानूनी सहायता, अपराधियों के प्रत्यर्पण, क्षमता निर्माण और पहले से मौजूद समझौतों तथा कार्ययोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने को क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।
मानव तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए समझौते
BIMSTEC देशों ने क्षेत्रीय अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों और कार्ययोजनाओं को भी मंजूरी दी। इनमें मानव तस्करी के खिलाफ BIMSTEC सम्मेलन, मादक पदार्थ नियंत्रण की कार्ययोजना और धनशोधन तथा आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने के लिए क्षमता निर्माण संबंधी समझौता ज्ञापन शामिल हैं। मानव तस्करी के खिलाफ सम्मेलन का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना, इस अपराध को रोकना, दोषियों को कानून के दायरे में लाना तथा पीड़ितों की सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित करना है। घोषणा में ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में मानव तस्करी के पीड़ितों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया। वहीं, मादक पदार्थ नियंत्रण कार्ययोजना के तहत नशीले पदार्थों, मनःप्रभावी रसायनों और उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अग्रदूत रसायनों की अवैध तस्करी रोकने पर जोर दिया गया है। सदस्य देशों ने धनशोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण से संबंधित समझौता ज्ञापन को भी मंजूरी दी। इसके तहत वित्तीय अपराधों, वित्तीय खुफिया जानकारी, जांच, अवैध संपत्तियों की बरामदगी और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य वित्तीय अपराधों से जुड़े अनुभव और बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करना तथा सीमा पार अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना है।
अवैध वित्तीय गतिविधियों को रोकने के लिए नई कार्ययोजना
दिल्ली घोषणा के तहत BIMSTEC देशों ने अवैध वित्तीय प्रवाह की पहचान करने और उसे रोकने के लिए भी एक कार्ययोजना को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच गैरकानूनी धन के स्रोतों, जोखिमों और उन माध्यमों की पहचान करना है, जिनके जरिए अवैध वित्तीय गतिविधियां संचालित होती हैं। ऐसी गतिविधियां संगठित अपराध, धनशोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण को बढ़ावा दे सकती हैं। इसलिए वित्तीय जानकारी साझा करने और जांच एजेंसियों के बीच सहयोग को मजबूत करना महत्वपूर्ण माना गया है। घोषणा में यह भी रेखांकित किया गया कि सुरक्षा और विकास एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने से सदस्य देशों की विकास संबंधी प्राथमिकताओं को पूरा करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग सभी देशों की संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और पारस्परिक सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित रहेगा। यह सहयोग सदस्य देशों के बीच द्विपक्षीय और अन्य क्षेत्रीय या बहुपक्षीय व्यवस्थाओं का विकल्प नहीं, बल्कि उनका पूरक होगा।
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए साझा तैयारी पर जोर
BIMSTEC देशों ने बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी और समन्वय बढ़ाने के लिए भी एक कार्ययोजना को मंजूरी दी। इसमें क्षेत्रीय जोखिम आकलन, संयुक्त अभ्यास, शुरुआती चेतावनी प्रणाली, आपदा मानचित्रण, प्रशिक्षण केंद्र, सूचना साझा करने, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने जैसे कदम शामिल हैं। सुनामी के जोखिम को कम करने के लिए भी समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया। भारत ने पुलिस प्रशिक्षण, आतंकवाद विरोधी अभियानों और फॉरेंसिक जांच के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता साझा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और गुजरात के जामनगर में प्रस्तावित BIMSTEC आपदा प्रबंधन केंद्र पर भी चर्चा की गई। घोषणा में क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने में भारत के नेतृत्व की सराहना की गई। BIMSTEC में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं। दिल्ली घोषणा के माध्यम से इन सात देशों ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद, संगठित अपराध, वित्तीय अपराध और प्राकृतिक आपदाओं जैसी साझा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग, सूचनाओं का आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई आवश्यक है।