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कंगना रनौत की ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और कहानी। जानिए 26/11 के कामा अस्पताल की सच्ची घटना पर आधारित यह फिल्म दर्शकों को क्यों देखनी चाहिए।
जून 2026 में बॉलीवुड के बॉक्स ऑफिस पर प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर है। कई बड़े बजट की फिल्मों के बीच, कंगना रनौत द्वारा प्रस्तुत और सह-निर्मित फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रही है। यह फिल्म न केवल अपने विषय के कारण महत्वपूर्ण है, बल्कि कंगना रनौत की पिछली फिल्मों के प्रदर्शन की तुलना में भी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म की बॉक्स ऑफिस यात्रा और इसकी प्रेरणादायक पृष्ठभूमि को समझना आज के सिनेमाई दौर में बेहद जरूरी है।
बॉक्स ऑफिस का संघर्ष और शुरुआती आंकड़े
‘भारत भाग्य विधाता’ ने बॉक्स ऑफिस पर एक मध्यम शुरुआत की थी। फिल्म ने अपने शुरुआती शुक्रवार को 1 करोड़ रुपये के साथ दस्तक दी थी। सप्ताहांत (weekend) के दौरान फिल्म के प्रदर्शन में उत्साहजनक वृद्धि देखी गई, जहाँ शनिवार को कमाई 1.45 करोड़ रुपये और रविवार को 1.80 करोड़ रुपये तक पहुँच गई। ऑक्यूपेंसी (occupancy) के आंकड़ों में भी सप्ताहांत के दौरान उछाल देखा गया, जो शुक्रवार के 11% से बढ़कर रविवार तक 21% तक पहुँच गया था।
हालाँकि, सोमवार का दिन फिल्म के लिए एक अग्निपरीक्षा साबित हुआ, जिसमें कमाई गिरकर 58 लाख रुपये पर आ गई। इन चार दिनों के बाद, फिल्म की कुल घरेलू कमाई 4.83 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। यदि हम इसकी तुलना कंगना रनौत की पिछली रिलीज ‘इमरजेंसी’ से करें, तो ‘भारत भाग्य विधाता’ फिलहाल काफी पीछे है, क्योंकि ‘इमरजेंसी’ ने अपने शुरुआती चार दिनों में ही 11.40 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया था। फिर भी, यह फिल्म कंगना की एक अन्य रिलीज ‘तेजस’ से बेहतर प्रदर्शन कर रही है, जिसने शुरुआती चार दिनों में 4.20 करोड़ रुपये कमाए थे।
विविध फिल्मों के बीच प्रतिस्पर्धा
बॉक्स ऑफिस की इस दौड़ में ‘भारत भाग्य विधाता’ अकेली नहीं है। इस सप्ताह सिनेमाघरों में मनोज बाजपेयी अभिनीत ‘गवर्नर’, दिलजीत दोसांझ की ‘मैं वापस आऊंगा’ और विक्रम भट्ट की ‘हॉन्टेड 3डी: इकोस ऑफ द पास्ट’ जैसी कई फिल्में भी रिलीज हुई हैं। इतनी सारी फिल्मों की उपस्थिति ने दर्शकों के बटवारे को और कठिन बना दिया है। आमतौर पर कार्यदिवसों (weekdays) में सिनेमाघरों में भीड़ कम होती है, ऐसे में इंडस्ट्री के जानकारों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह फिल्म अगले सप्ताहांत तक अपनी पकड़ मजबूत रख पाएगी या नहीं।
कहानी: 26/11 की अनकही वीरता
बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों से इतर, ‘भारत भाग्य विधाता’ का सबसे मजबूत पहलू इसकी कहानी है। मनोज तापाड़िया द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान कामा अस्पताल के मेडिकल स्टाफ द्वारा दिखाए गए असाधारण साहस की सच्ची घटना पर आधारित है। फिल्म का मुख्य आकर्षण नर्स अंजलि कुल्थे का किरदार है, जिन्होंने उस भयावह संकट के दौरान न केवल निडरता दिखाई, बल्कि 20 गर्भवती महिलाओं की जान बचाकर एक मिसाल कायम की। फिल्म में कंगना रनौत के अलावा ईशा डे, गिरिजा ओक और स्मिता तांबे जैसे कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं।
कला और वास्तविकता का संगम
यह फिल्म PEN स्टूडियो, मणिकर्णिका फिल्म्स और अन्य सहयोगियों की एक संयुक्त प्रस्तुति है। जहाँ बॉक्स ऑफिस के नंबर्स फिल्म की व्यावसायिक सफलता तय करते हैं, वहीं ‘भारत भाग्य विधाता’ जैसी फिल्में समाज को उस मानवीय वीरता की याद दिलाती हैं, जो संकट के समय सबसे बड़ी ढाल बनकर सामने आती है। भले ही फिल्म की कमाई की गति धीमी हो, लेकिन 26/11 की उस रात को पर्दे पर जीवित करना और अंजलि कुल्थे जैसी गुमनाम नायिकाओं के संघर्ष को सम्मान देना ही इस फिल्म की सबसे बड़ी उपलब्धि है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दर्शक इस गंभीर और प्रेरणादायक सिनेमा को अपनी स्वीकृति देते हैं।