कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन कैसा रहा? जानें फिल्म की कहानी, टैक्स-फ्री स्टेटस और कामा अस्पताल के गुमनाम नायकों की अनसुनी दास्तां।
कंगना रनौत की हालिया रिलीज फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ सिनेमाघरों में एक चुनौतीपूर्ण सफर तय कर रही है। मनोज तापड़िया द्वारा निर्देशित यह फिल्म देश के भीड़भाड़ वाले रिलीज कैलेंडर के बीच अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही है। फिल्म ने अपनी रिलीज के तीन दिनों में मिश्रित प्रदर्शन किया है। उद्योग ट्रैकर ‘सैकनिल्क’ के आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने रविवार को अनुमानित 1.58 करोड़ रुपये की नेट कमाई की, जिससे इसका कुल भारत नेट कलेक्शन तीन दिनों में 4.03 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
फिल्म की शुरुआत शुक्रवार को 1 करोड़ रुपये के साथ हुई थी। शनिवार को इसमें लगभग 45 प्रतिशत की अच्छी उछाल देखी गई और फिल्म ने 1.45 करोड़ रुपये कमाए, लेकिन रविवार को यह गति उस स्तर पर नहीं बनी रह सकी, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। सबसे बड़ी चिंता का विषय फिल्म की स्क्रीनिंग में भारी कटौती रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार के 1,956 शो के मुकाबले रविवार को यह संख्या घटकर 794 रह गई। साथ ही, दर्शकों की ऑक्यूपेंसी भी शनिवार के 17 प्रतिशत से घटकर रविवार को लगभग 14 प्रतिशत पर आ गई।
प्रमोशनल ऑफर्स का सीमित असर
दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने के लिए निर्माताओं ने सप्ताहांत के दौरान ‘बाय वन गेट वन’ (BOGO) ऑफर भी पेश किया था। बावजूद इसके, बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों में कोई विशेष उछाल देखने को नहीं मिला, जो यह दर्शाता है कि यह प्रमोशनल अभियान फिल्म की फुटफॉल बढ़ाने में बहुत अधिक प्रभावी साबित नहीं हुआ। फिल्म के सामने बॉक्स ऑफिस पर अन्य कई बड़ी फिल्में भी थीं, जिनमें दिलजीत दोसांझ की ‘मैं वापस आऊंगा’, मनोज बाजपेयी की ‘गवर्नर’ और विक्रम भट्ट की ‘हॉन्टेड 3D: इकोज ऑफ द पास्ट’ शामिल हैं, जिसने बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा पैदा की।
राज्य सरकारों का समर्थन: टैक्स-फ्री का लाभ
बॉक्स ऑफिस की चुनौतियों के बीच, फिल्म को सरकारी स्तर पर काफी समर्थन मिल रहा है। ‘भारत भाग्य विधाता’ को दिल्ली और हरियाणा में ‘टैक्स-फ्री’ घोषित किया गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में कंगना रनौत के साथ फिल्म की एक विशेष स्क्रीनिंग देखने के बाद यह घोषणा की। इससे पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी फिल्म को टैक्स-फ्री करने का निर्णय लिया था। यह सरकारी प्रोत्साहन फिल्म की पहुंच को बढ़ाने और एक संदेश के रूप में दर्शकों को थिएटर तक लाने का एक सकारात्मक प्रयास है।
26/11 की एक अनकही और साहसी दास्तां
12 जून को रिलीज हुई यह फिल्म 1999 के 26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों की घटनाओं को एक नए और कम चर्चा वाले नजरिए से पेश करती है। यह फिल्म उन स्थानों के बजाय, जिनके बारे में अक्सर बात की जाती है, मुंबई के कामा अस्पताल के उन स्वास्थ्य कर्मियों के असाधारण साहस पर केंद्रित है जिन्होंने उस भयावह संकट के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों को बचाया।
फिल्म की कहानी नर्स अंजलि कुलथे और उनके सहयोगियों के वास्तविक जीवन के अनुभवों से प्रेरित है। यह डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल के उन कर्मचारियों की गाथा है जिन्होंने आतंकवादियों के हमले के बीच अपने मरीजों की ढाल बनकर सुरक्षा की। फिल्म में विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को बचाने के लिए किए गए उनके प्रयासों को मार्मिक तरीके से दिखाया गया है।
कलाकारों का अभिनय और निर्माण
कंगना रनौत, जो इस प्रोजेक्ट की सह-निर्माता भी हैं (मणिकर्णिका फिल्म्स बैनर के तहत), फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ इस फिल्म में गिरीजा ओक, स्मिता तांबे और ईशा डे ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। यद्यपि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन जिस उद्देश्य और विषय के साथ इसे बनाया गया है, वह इसे सिनेमा के गलियारों में एक महत्वपूर्ण फिल्म बनाता है। यह फिल्म उन गुमनाम नायकों को सलाम है जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना मानवता की रक्षा की। ‘भारत भाग्य विधाता’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक त्रासदी में छुपे साहस और बलिदान का एक दस्तावेज है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है।