पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेपर लीक को गरीब छात्रों के सपनों की हत्या बताया। उन्होंने शिक्षा सुधार, सरकारी स्कूलों की उपलब्धियों, NEET परिणाम और 68,500 से अधिक सरकारी नौकरियों का भी जिक्र किया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा में शिक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करते हुए इसे देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा बेहद गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि गरीब और मेहनती छात्रों के सपनों की हत्या है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2014 से अब तक देशभर में 93 पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें अधिकांश मामले भाजपा शासित राज्यों से जुड़े रहे हैं।
‘पेपर लीक से युवाओं का भविष्य हो रहा प्रभावित’
भगवंत मान ने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य पर गंभीर असर डालती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की जरूरत है, ताकि युवाओं का भरोसा कायम रहे।
इतिहास बदलने की कोशिशों का किया विरोध
ਅੱਜ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ‘ਚ ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਪੇਪਰ ਲੀਕ ਦੇ ਗੰਭੀਰ ਮੁੱਦੇ ‘ਤੇ ਅਹਿਮ ਚਰਚਾ ਕੀਤੀ.. ਪੇਪਰ ਲੀਕ ਹੋਣਾ ਗਰੀਬ ਅਤੇ ਮਿਹਨਤੀ ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਸੁਪਨਿਆਂ ਦਾ ਕਤਲ ਹੈ… 2014 ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਹੁਣ ਤੱਕ ਦੇਸ਼ ‘ਚ 93 ਪੇਪਰ ਲੀਕ ਹੋਏ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ‘ਚੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਘਪਲੇ ਭਾਜਪਾ ਸ਼ਾਸਤ ਰਾਜਾਂ ‘ਚ ਹੋਏ ਨੇ…
ਸਿਲੇਬਸ ਰਾਹੀਂ ਸਾਡੇ ਇਤਿਹਾਸ ਨੂੰ ਬਦਲਣ… pic.twitter.com/6RmqfAMkuZ— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) August 3, 2026
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षा के पाठ्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाठ्यक्रम के माध्यम से देश के इतिहास को बदलने की कोशिशें की जा रही हैं, जिसका उनकी सरकार विरोध करती है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अपने महान गुरुओं, शहीदों और ऐतिहासिक विरासत को सही स्वरूप में स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा बना रही है, ताकि नई पीढ़ी अपने वास्तविक इतिहास और संस्कृति से परिचित हो सके।
पंजाब को बताया शिक्षा के क्षेत्र में नंबर-1 राज्य
भगवंत मान ने अपनी सरकार की शिक्षा संबंधी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने दावा किया कि सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा पास की है, जो सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार का बड़ा उदाहरण है।
उन्होंने यह भी कहा कि निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण के लिए सरकार विधेयक लेकर आई है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने अब तक 68,500 से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं।
अभिभावकों से की खास अपील
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों पर केवल अधिक अंक लाने का दबाव न डालें। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में अलग-अलग प्रतिभा होती है और उसकी क्षमता के अनुसार उसे आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। उनका कहना था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है।
शिक्षा सुधार पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि बेहतर स्कूल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और छात्रों के हित में बनाई जा रही नीतियां राज्य के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेंगी।