पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंचायत आज तक 2026 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वह खुद मामले की निगरानी कर रहे थे और पुलिस अधिकारियों को छात्रों व प्रबंधन के बीच बातचीत कराने के निर्देश दिए थे।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) से जुड़े मामले को लेकर कहा कि राज्य सरकार ने पूरी स्थिति को बेहद संयम और नरमी के साथ संभाला। ‘पंचायत आज तक 2026’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि वह खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे थे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को छात्रों और विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच बातचीत करवाने के निर्देश दिए थे, ताकि स्थिति का समाधान संवाद के जरिए निकाला जा सके।
मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद कर रहे थे मामले की निगरानी
मुख्यमंत्री भगवंत मान के मुताबिक, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में उनकी सरकार ने संवेदनशीलता के साथ काम किया। उन्होंने बताया कि वह खुद घटनाक्रम पर नजर रख रहे थे और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में थे।
ਲਵਲੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਅਸੀਂ ਬਹੁਤ ਹਲੀਮੀ ਨਾਲ਼ ਨਜਿੱਠਿਆ!
Panchayat Aaj Tak 2026 ‘ਚ CM @BhagwantMann ਨੇ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣਕਾਰੀ
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👉🏻 ਪੁਲਿਸ ਅਫ਼ਸਰਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਤੇ ਪ੍ਰਬੰਧਕਾਂ ਦੀ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਵਾਉਣ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼
👉🏻 ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ‘ਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕਿਸਮ ਦੀ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਨਾ ਕਰਨ ਦੀਆਂ ਸੀ ਸਾਫ਼ ਹਿਦਾਇਤਾਂ— AAP Punjab (@AAPPunjab) October 8, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में छात्रों की बात सुनना और उनकी समस्याओं को समझना जरूरी है। सरकार की कोशिश थी कि स्थिति को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाए और किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों को छात्रों और प्रबंधन के बीच बातचीत कराने के निर्देश
भगवंत मान ने बताया कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि छात्रों और विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच बातचीत कराई जाए। इसका उद्देश्य दोनों पक्षों की बात सुनकर मामले का समाधान निकालना था।
सरकार की ओर से संवाद पर जोर देने का मतलब था कि विवाद को केवल प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए नहीं, बल्कि बातचीत और आपसी समझ के माध्यम से सुलझाने की कोशिश की जाए। मुख्यमंत्री के अनुसार, पूरे मामले में अधिकारियों को इसी दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए थे।
छात्रों पर सख्त कार्रवाई नहीं करने के निर्देश
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह भी कहा कि उन्होंने छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की सख्त कार्रवाई नहीं करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। उनके मुताबिक, मामले को नरमी और समझदारी से संभालना सरकार की प्राथमिकता थी।
छात्रों से जुड़े मामलों में उनकी चिंताओं को सुनना और समाधान के लिए बातचीत का रास्ता अपनाना महत्वपूर्ण माना जाता है। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में इसी दृष्टिकोण पर जोर दिया और बताया कि अधिकारियों को स्थिति को संयम से संभालने के लिए कहा गया था।
‘पंचायत आज तक 2026’ में मुख्यमंत्री ने रखी अपनी बात
‘पंचायत आज तक 2026’ कार्यक्रम के दौरान भगवंत मान ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी मामले को संभालने के तरीके पर अपनी बात रखी। उन्होंने सरकार की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि मामले में उनकी निगरानी जारी थी और पुलिस अधिकारियों को छात्रों तथा प्रबंधन के बीच बातचीत कराने के निर्देश दिए गए थे।
मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार, सरकार ने इस मामले में संवाद, संयम और छात्रों के प्रति नरम रुख अपनाने पर जोर दिया। हालांकि, मामले के पूरे घटनाक्रम और इसके अंतिम नतीजे को समझने के लिए संबंधित पक्षों के बयानों और आधिकारिक जानकारी को भी ध्यान में रखना जरूरी है।