Bhadli Navami 2025: हिंदू धर्म में भड़ली नवमी को मांगलिक कार्य करने के लिए सबसे शुभ दिन मानते हैं। माना जाता है कि इससे जीवन में सुख और सौभाग्य मिलता है। भड़ली नवमी 2025 में कब होगा?
Bhadli Navami 2025: हिंदू धर्म में इस दिन बिना मुहूर्त देखे शुभ कार्य करने का विधान है क्योंकि साल में कुछ खास तिथियों पर अभूझ मुहूर्त रहता है। इनमें से एक है भड़ली नवमी, या भडल्या नवमी। देवशयनी एकादशी से दो दिन पहले भड़ली नवमी आती है।
माना जाता है कि इस दिन विवाह करना बहुत शुभ है क्योंकि इस दिन स्वंयसिद्ध मुहूर्त रहता है। हम जानते हैं कि भड़ली नवमी 2025 में कब है और इस दिन कौन-से शुभ कार्य किए जाएंगे।
भड़ली नवमी 2025 कब होगी?
4 जुलाई 2025 को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि होगी, यानी भड़ली नवमी। “भड़ल्या नवमी”, “भड़रिया नवमी”, “भढली नवमी”, “भादरिया नवमी” और “भड़ल्या नवमी” भी कहे जाते हैं।
5 मई 2025 को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि होगी, जो सुबह 7 बजकर 25 मिनट पर शुरू होगी और 6 मई 2025 को सुबह 8 बजकर 38 मिनट पर समाप्त होगी।
भड़ली नवमी को क्यों मनाया जाता है?
किसी भी समय जातक अपनी सुविधानुसार अच्छे काम कर सकता है। साथ ही आप एक शुभ काम का श्रीगणेश कर सकते हैं। इस तिथि पर शुभ कार्य करने से अक्षय तृतीया के समान लाभ मिलता है।
भड़ली नवमी पर क्या करें
- भड़ली नवमी, गुप्त नवरात्रि की अंतिम तिथि है, इस दिन मां दुर्गा की पूजा करने वालों को हर संकट से छुटकारा मिलता है।
- चातुर्मास देवशयनी एकादशी से शुरू होता है, जिसके बाद चार महीने तक सभी शुभ कार्य बंद रहते हैं। यही कारण है कि चातुर्मास से पहले भड़ली नवमी ही सबसे शुभ दिन है कि विवाह, मुंडन, छेदन और घर में प्रवेश करने सहित अन्य मांगलिक और शुभ कार्यों को करने के लिए।
- गणेश, शिव और दुर्गा को विशेष रूप से पूजा जाना चाहिए। जरूरतमंदों को धन, अनाज, छाता, जूते-चप्पल, कपड़े देना चाहिए।
- भड़ली नवमी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा और हवन करने से मनोवांछित फल मिलता है और जीवन भर धन धान्य मिलता रहेगा।
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