पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने मोरिंडा में ₹23 करोड़ की सिंचाई परियोजना का उद्घाटन किया। समराला और अमराला माइनर के आधुनिकीकरण तथा पाइपलाइन परियोजना से 5,500 अतिरिक्त एकड़ कृषि भूमि तक नहरी पानी पहुंचेगा।
पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने बुधवार को चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र के मोरिंडा में लगभग ₹23 करोड़ की लागत से तैयार की गई एक महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और हजारों एकड़ कृषि भूमि तक नहरी पानी की पहुंच सुनिश्चित होगी।
समराला और अमराला माइनर का हुआ आधुनिकीकरण
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @barinder_goyal ਨੇ ਅੱਜ ਹਲਕਾ ਚਮਕੌਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਮੋਰਿੰਡਾ ਵਿਖੇ ਸਮਰਾਲਾ ਮੇਜਰ ਅਤੇ ਅਮਰਾਲਾ ਮਾਈਨਰ ਦੀ 10.56 ਕਿ.ਮੀ. ਦੀ ਕੰਕਰੀਟ ਲਾਈਨਿੰਗ ਅਤੇ ਖੇਤਾਂ ‘ਚ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਲਈ 10.76 ਕਿ.ਮੀ. ਪਾਈਪ ਲਾਈਨਾਂ ਦਾ ਕੰਮ ਮੁਕੰਮਲ ਕਰਵਾ ਕੇ ਕਰੀਬ ₹23 ਕਰੋੜ ਦੀ ਲਾਗਤ ਵਾਲ਼ੇ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਲੋਕ ਅਰਪਣ ਕੀਤੇ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ਼… pic.twitter.com/ccsiLQRJgZ
— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 28, 2026
परियोजना के तहत समराला माइनर और अमराला माइनर की कुल 10.56 किलोमीटर लंबाई में कंक्रीट लाइनिंग का कार्य पूरा किया गया है। इसके साथ ही 10.76 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन भी बिछाई गई है, जिसके माध्यम से नहर का पानी सीधे खेतों तक पहुंचाया जाएगा। इससे पानी की बर्बादी कम होगी और सिंचाई व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
5,500 अतिरिक्त एकड़ भूमि को मिलेगा नहरी पानी
कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने से करीब 5,500 अतिरिक्त एकड़ कृषि भूमि को नहरी पानी उपलब्ध होगा। इससे किसानों की भूजल पर निर्भरता घटेगी, सिंचाई की लागत कम होगी और कृषि उत्पादन में भी सकारात्मक वृद्धि होने की उम्मीद है।
भूजल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई पर सरकार का जोर
बरिंदर गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों को आधुनिक और टिकाऊ सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नहरों के आधुनिकीकरण, पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार और बेहतर जल प्रबंधन के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों के संरक्षण के लिए ऐसी परियोजनाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं।
हर खेत तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पंजाब सरकार का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक किसान को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। सरकार नहर आधारित सिंचाई प्रणाली को मजबूत कर रही है ताकि किसानों को समय पर पानी मिल सके और भूजल का अत्यधिक दोहन रोका जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ राज्य में जल संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती देगी।