बजाज ऑटो ने शेयर बायबैक के प्रस्ताव की घोषणा की है। गुरुवार को सेंसेक्स की 1100+ अंकों की गिरावट के बावजूद बजाज ऑटो का शेयर 2.8% तक उछलकर ₹9,815 पर पहुंच गया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 का दिन बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण जहां सेंसेक्स और निफ्टी में कोहराम मचा हुआ था, वहीं ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी बजाज ऑटो (Bajaj Auto) के शेयरों ने अपनी एक अलग राह चुनी। कंपनी द्वारा ‘शेयर बायबैक’ (Share Buyback) के प्रस्ताव पर विचार करने की घोषणा ने बाजार की मंदी के बीच भी निवेशकों को खरीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
बायबैक की घोषणा और स्टॉक का प्रदर्शन
गुरुवार सुबह जैसे ही बजाज ऑटो ने शेयर बाजार को सूचित किया कि कंपनी का निदेशक मंडल (Board of Directors) शेयरों के बायबैक के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए एक बैठक आयोजित करने वाला है, निवेशकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। इस खबर के प्रभाव से बीएसई (BSE) पर बजाज ऑटो का शेयर अपने पिछले बंद भाव ₹9,542.10 के मुकाबले तेजी से चढ़ना शुरू हुआ। देखते ही देखते स्टॉक 2.86% की मजबूती के साथ ₹9,815.25 के इंट्राडे हाई (Intraday High) पर पहुंच गया।
दोपहर 11:33 बजे के आसपास, जब सेंसेक्स 1,150 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ संघर्ष कर रहा था, तब भी बजाज ऑटो का काउंटर खरीदारी के आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। उस समय शेयर ₹9,752.50 पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले दिन के मुकाबले 2.20% की बढ़त दर्शाता है।
क्या होता है शेयर बायबैक और क्यों बढ़ती है कीमत?
शेयर बायबैक एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कंपनी अपने ही बकाया शेयरों को बाजार से या मौजूदा शेयरधारकों से वापस खरीदती है। जब कोई कंपनी बायबैक की घोषणा करती है, तो इसे अक्सर एक सकारात्मक संकेत माना जाता है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- अतिरिक्त नकदी का उपयोग: बायबैक यह दर्शाता है कि कंपनी के पास पर्याप्त नकदी (Cash) है और वह उसे शेयरधारकों को वापस करना चाहती है।
- कंपनी का विश्वास: यह प्रबंधन के इस विश्वास को दर्शाता है कि उनके शेयर का वर्तमान बाजार मूल्य उसके वास्तविक मूल्य से कम है।
- ईपीएस (EPS) में सुधार: बाजार में शेयरों की संख्या कम होने से प्रति शेयर आय (Earnings Per Share) में वृद्धि होती है, जिससे शेयर अधिक आकर्षक हो जाता है।
कमजोर बाजार के बीच बजाज ऑटो का विपरीत प्रदर्शन
बजाज ऑटो की यह तेजी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गुरुवार को बेंचमार्क इंडेक्स BSE Sensex में 1,152 अंकों (1.49%) की भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स की इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण ब्रेंट क्रूड का $126 प्रति बैरल के पार जाना और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का 95.27 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरना था।
आम तौर पर जब कच्चा तेल महंगा होता है, तो ऑटो कंपनियों की इनपुट लागत बढ़ने और मांग घटने की आशंका में उनके शेयरों में गिरावट आती है। आज के सत्र में टाटा मोटर्स और मारुति सुजुकी जैसे अन्य ऑटो शेयरों में बिकवाली का दबाव था, लेकिन बजाज ऑटो ने बायबैक की खबर के दम पर इस ट्रेंड को पीछे छोड़ दिया।
बाजार विश्लेषकों की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बजाज ऑटो का यह कदम निवेशकों के लिए “सुरक्षा कवच” (Safety Net) की तरह काम कर रहा है। ऐसे समय में जब वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशक इक्विटी से पैसा निकाल रहे हैं, बायबैक की खबर ने स्टॉक को नीचे गिरने से रोक दिया है। हालांकि, विश्लेषकों का यह भी कहना है कि निवेशकों को बायबैक के मूल्य (Price) और आकार (Size) का इंतजार करना चाहिए, क्योंकि वास्तविक लाभ तभी स्पष्ट होगा जब बोर्ड इन विवरणों को मंजूरी देगा।
बजाज ऑटो द्वारा बायबैक पर विचार करने का निर्णय कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट और शेयरधारकों को पुरस्कृत करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जहां एक ओर पूरा बाजार बाहरी दबावों के कारण लाल निशान में डूबा है, वहीं बजाज ऑटो के शेयर हरे निशान में चमककर यह साबित कर रहे हैं कि कंपनी की विशिष्ट खबरें और कॉर्पोरेट एक्शन अक्सर व्यापक बाजार के सेंटिमेंट पर भारी पड़ सकते हैं।