वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट में बाबर आजम 88 रन पर रन आउट होकर शतक से 12 रन दूर रह गए। दिसंबर 2022 के बाद से उनका टेस्ट शतक का इंतजार अब 3 साल से ज्यादा लंबा हो गया है।
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और कप्तान बाबर आजम का टेस्ट क्रिकेट में शतक का इंतजार और लंबा हो गया है। त्रिनिदाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन बाबर शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन एक गलत फैसले ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। 88 रन के निजी स्कोर पर रन आउट होकर पवेलियन लौटने वाले बाबर एक बार फिर तीन अंकों तक पहुंचने से चूक गए। इसके साथ ही दिसंबर 2022 के बाद से टेस्ट क्रिकेट में उनका शतक का सूखा अब साढ़े तीन साल से भी अधिक लंबा हो गया है।
दिसंबर 2022 के बाद नहीं आया टेस्ट शतक
बाबर आजम ने आखिरी बार टेस्ट क्रिकेट में दिसंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ कराची टेस्ट में शानदार 161 रन की पारी खेली थी। यह उनके टेस्ट करियर का नौवां शतक था। उस समय उम्मीद की जा रही थी कि बाबर लगातार बड़ी पारियां खेलेंगे, लेकिन इसके बाद से वह कई बार अच्छी शुरुआत के बावजूद शतक तक नहीं पहुंच सके।
वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा टेस्ट मैच में भी ऐसा ही देखने को मिला। बाबर ने धैर्य और तकनीक का शानदार प्रदर्शन करते हुए 146 गेंदों पर 88 रन बनाए, लेकिन वह अपने करियर का दसवां टेस्ट शतक पूरा नहीं कर पाए।
शानदार लय में नजर आ रहे थे बाबर
तीसरे दिन जब पाकिस्तान ने अपनी पारी आगे बढ़ाई तो बाबर आजम पूरी तरह लय में दिखाई दे रहे थे। उन्होंने बेहतरीन ड्राइव, कवर शॉट और स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की।
अपनी 88 रन की पारी के दौरान बाबर ने 10 चौके और एक छक्का लगाया। वह आसानी से शतक की ओर बढ़ते नजर आ रहे थे और पाकिस्तान भी मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।
लेकिन क्रिकेट में एक छोटी सी गलती भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है और बाबर के साथ भी यही हुआ।
एक गलत कॉल ने छीना शतक
पाकिस्तान की पारी का 75वां ओवर चल रहा था। वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के स्पिनर जोमेल वारिकन गेंदबाजी कर रहे थे। बाबर ने गेंद को कवर की दिशा में खेला और तेजी से एक रन लेने के लिए दौड़ पड़े।
हालांकि दूसरे छोर पर मौजूद अब्दुल्ला शफीक ने तुरंत रन लेने से इनकार कर दिया और बाबर को वापस लौटने का इशारा किया। तब तक काफी देर हो चुकी थी।
वेस्टइंडीज के फील्डर ने तेजी से गेंद उठाकर सीधा थ्रो स्टंप्स पर मारा और बाबर क्रीज तक नहीं पहुंच सके। रिप्ले में साफ दिखाई दिया कि वह अपनी क्रीज से काफी दूर थे।
इस तरह महज 12 रन से उनका शतक अधूरा रह गया।
टेस्ट करियर में सातवीं बार रन आउट
यह बाबर आजम के टेस्ट करियर में सातवीं बार रन आउट होने का मामला है। इसके साथ ही वह पाकिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन आउट होने वाले खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।
इस मामले में उन्होंने अजहर अली और महान ऑलराउंडर वसीम अकरम की बराबरी कर ली है, जो अपने टेस्ट करियर में सात-सात बार रन आउट हुए थे।
पाकिस्तान की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक रन आउट होने का रिकॉर्ड दिग्गज बल्लेबाज जावेद मियांदाद के नाम है, जो आठ बार रन आउट हुए थे।
अब्दुल्ला शफीक ने खेली यादगार पारी
हालांकि बाबर आजम शतक से चूक गए, लेकिन पाकिस्तान के लिए अब्दुल्ला शफीक ने शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने पूरे धैर्य के साथ खेलते हुए 160 रन की नाबाद पारी खेली और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
शफीक की इस पारी की बदौलत पाकिस्तान ने पहली पारी में 115 ओवर में 387 रन बनाए और वेस्टइंडीज पर महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की।
उनकी इस पारी में तकनीक, संयम और लंबी बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।
पाकिस्तान को मिली मजबूत स्थिति
बाबर आजम के जल्दी आउट होने के बावजूद पाकिस्तान ने पहली पारी में अच्छा स्कोर खड़ा किया। हालांकि कप्तान के रन आउट होने के बाद टीम ने अपने अंतिम आठ विकेट केवल 106 रन के भीतर गंवा दिए, जिससे बड़ा स्कोर बनाने का मौका हाथ से निकल गया।
इसके बावजूद पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाजों ने दूसरी पारी में शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज को दबाव में ला दिया और मैच में टीम की स्थिति मजबूत कर दी।
बाबर के लिए चिंता का विषय
बाबर आजम लंबे समय से टेस्ट क्रिकेट में बड़ी पारी खेलने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कई बार वह अर्धशतक तक पहुंचने के बाद अपना विकेट गंवा चुके हैं। ऐसे में 88 रन पर रन आउट होना उनके लिए मानसिक रूप से भी बड़ा झटका माना जा रहा है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि बाबर के पास तकनीक और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने पर अधिक ध्यान देना होगा।
अब सभी की नजर बाबर आजम की अगली टेस्ट पारियों पर होगी। पाकिस्तान के प्रशंसकों को उम्मीद रहेगी कि उनका स्टार बल्लेबाज जल्द ही शतक का लंबा इंतजार खत्म करेगा और एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए टीम के लिए बड़ी पारियां खेलेगा।