अयोध्या दीपोत्सव 2025: विदेशी नेताओं समेत देश-विदेश के गणमान्य अतिथियों को न्योता, 17 अक्टूबर से शुरू होगा भव्य पांच दिवसीय कार्यक्रम

अयोध्या दीपोत्सव 2025: विदेशी नेताओं समेत देश-विदेश के गणमान्य अतिथियों को न्योता, 17 अक्टूबर से शुरू होगा भव्य पांच दिवसीय कार्यक्रम

अयोध्या दीपोत्सव 2025 का भव्य पांच दिवसीय आयोजन 17 अक्टूबर से शुरू होगा। इसमें देश-विदेश के नेताओं और प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। रामलीला, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शोभा यात्रा शामिल।

अयोध्या दीपोत्सव 2025: अयोध्या में इस साल 17 अक्टूबर से शुरू होने वाला दीपोत्सव 2025 भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से मनाया जाएगा। पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम, रामलीला, पारंपरिक पौराणिक प्रदर्शन, झांकियां, शोभा यात्रा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया और विदेशी तथा देश के कई गणमान्य नेताओं को निमंत्रण भेजा है।

विदेशों के कई देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

अयोध्या दीपोत्सव 2025 में नेपाल, मॉरिशस, गुयाना, फीजी, भूटान, सूरीनाम, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, श्रीलंका, मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड, कंबोडिया, म्यांमार जैसे हिन्दू बाहुल्य देशों के अध्यक्षों, पर्यटन और संस्कृति मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है। यह आयोजन सनातन धर्म की संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करेगा।

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राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों को भी भेजा निमंत्रण

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने केंद्र एवं राज्य के कई मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख अधिकारियों को दीपोत्सव 2025 का न्योता भेजा है। इनमें केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, अंडमान-निकोबार, दादरा-नगर हवेली, जम्मू-कश्मीर, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, लद्दाख के प्रमुख शामिल हैं।

दीपोत्सव 2025 की विशेषताएं

  • पांच दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम

  • रामलीला एवं पारंपरिक पौराणिक प्रदर्शन

  • रंगीन झांकियां और शोभा यात्रा

  • देश-विदेश के गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

  • सनातन संस्कृति का व्यापक प्रचार-प्रसार

यह दीपोत्सव अयोध्या को विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

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