आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर रिकॉर्ड 7वीं बार खिताब जीता। बेथ मूनी ने 64 और फोएबे लिचफिल्ड ने 48 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली।
ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर दुनिया भर में अपनी बादशाहत साबित कर दी है। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 (ICC Women’s T20 World Cup 2026) के बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान इंग्लैंड को 7 विकेट से करारी शिकस्त देकर खिताब पर कब्जा कर लिया है। रविवार (5 जुलाई) को खेले गए इस खिताबी मुकाबले में विकेटकीपर-बल्लेबाज बेथ मूनी के शानदार अर्धशतक और बाएं हाथ की युवा सनसनी फोएबे लिचफिल्ड की आक्रामक पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने रिकॉर्ड सातवीं बार टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टूर्नामेंट के इतिहास में अपने सबसे सफल होने के रिकॉर्ड को और आगे बढ़ा दिया है।
टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया का गेंदबाजी का फैसला, नैट साइवर-ब्रंट ने संभाली इंग्लैंड की पारी
लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए इस फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सोफी मोलिनक्स ने टॉस जीता और पिच की परिस्थितियों को देखते हुए पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बहुत ज्यादा विस्फोटक नहीं रही, लेकिन मेजबान टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट बचाए रखे। इंग्लैंड की कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने मोर्चे से टीम का नेतृत्व किया और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का डटकर सामना किया।
नैट साइवर-ब्रंट ने अपनी कप्तानी पारी के दौरान शानदार खेल दिखाते हुए 58 रनों की नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली। उनकी इस सूझबूझ भरी पारी की बदौलत इंग्लैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट खोकर 150 रनों का एक चुनौतीपूर्ण और सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले के दबाव को देखते हुए 151 रनों का यह लक्ष्य किसी भी टीम के लिए कड़ा इम्तिहान होने वाला था।
शुरुआती झटके के बाद बेथ मूनी और फोएबे लिचफिल्ड ने मचाया धमाल
151 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने दूसरे ही ओवर में अपनी सलामी बल्लेबाज जॉर्जिया वोल का विकेट गंवा दिया, जिससे इंग्लैंड के खेमे और प्रशंसकों में जीत की उम्मीदें जग गईं। लेकिन इसके बाद मैदान पर जो हुआ, उसने मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया। क्रीज पर मौजूद अनुभवी बेथ मूनी का साथ निभाने मैदान पर उतरीं बाएं हाथ की आक्रामक बल्लेबाज फोएबे लिचफिल्ड।
इन दोनों बल्लेबाजों ने इंग्लिश गेंदबाजों के खिलाफ जवाबी हमला शुरू किया और मैदान के चारों तरफ रनों की बौछार कर दी। बेथ मूनी और फोएबे लिचफिल्ड ने दूसरे विकेट के लिए महज कुछ ही ओवरों में 100 रनों की एक ताबड़तोड़ और ऐतिहासिक साझेदारी कर डाली। इस साझेदारी ने इंग्लैंड की टीम को मुकाबले से पूरी तरह बाहर धकेल दिया।
बेथ मूनी का अर्धशतक और लिचफिल्ड की आक्रामक पारी
विकेटकीपर-बल्लेबाज बेथ मूनी ने बड़े मैचों के अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया और सूझबूझ के साथ आक्रामक शॉट खेले। मूनी ने मात्र 49 गेंदों का सामना करते हुए 64 रनों की बेहतरीन और मैच जिताऊ पारी खेली। दूसरी तरफ, उनका बखूबी साथ निभा रही फोएबे लिचफिल्ड ने इंग्लैंड के स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों को आड़े हाथों लिया। लिचफिल्ड ने सिर्फ 35 गेंदों में 48 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें कई दर्शनीय चौके और छक्के शामिल थे। इन दोनों की बेखौफ बल्लेबाजी के चलते ऑस्ट्रेलिया ने 151 रनों के इस मुश्किल दिख रहे लक्ष्य को महज 17.1 ओवरों में 3 विकेट खोकर बेहद आसानी से हासिल कर लिया।
कंगारू टीम की बादशाहत: सातवीं बार चूमा विश्व कप का खिताब
इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना एकछत्र राज कायम रखा है। यह सातवां मौका है जब ऑस्ट्रेलियाई टीम ने महिला टी20 विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी को चूमा है। इंग्लैंड की टीम अपने ही घरेलू मैदान और दर्शकों के सामने इस बड़े मौके को भुनाने में नाकाम रही, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने दबाव के क्षणों में बेहतर खेल दिखाकर यह साबित कर दिया कि क्यों उन्हें क्रिकेट की दुनिया की सबसे खतरनाक टीम माना जाता है। बेथ मूनी को उनकी इस शानदार और संयमित पारी के लिए इस खिताबी मुकाबले में विशेष सराहना मिल रही है। इस खिताबी जीत के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम और उनके फैंस लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर जश्न में डूब गए हैं।