वैश्विक बाजारों पर एआई का जादू, मध्य-पूर्व में तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल

वैश्विक बाजारों पर एआई का जादू, मध्य-पूर्व में तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल

 

एआई की बढ़ती मांग ने एशियाई बाजारों में जोश भरा, लेकिन मध्य-पूर्व तनाव के कारण तेल की कीमतें 92 डॉलर के पार। जानें वैश्विक बाजार का हाल।

सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में उत्साह का माहौल रहा, जिसका मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संबंधित उत्पादों की मजबूत मांग है। जहां एक ओर एआई के प्रति निवेशकों का उत्साह बाजारों को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मध्य-पूर्व (Gulf) में शांति वार्ता की धीमी गति ने चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। हार्मोनुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने की उम्मीदें फिलहाल धूमिल नजर आ रही हैं, जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।

मध्य-पूर्व में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें

वाशिंगटन और तेहरान के बीच वार्ताकार किसी समझौते पर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने शनिवार को स्पष्ट किया कि यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान पर दोबारा हमला करने के लिए तैयार है। साथ ही, इज़राइल द्वारा लेबनान में ईरान समर्थित हिज़बुल्लाह समूह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बढ़ाने से तनाव में वृद्धि हुई है।

जेपी मॉर्गन के मुख्य अमेरिकी अर्थशास्त्री माइकल फेरोली का मानना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बना हुआ है। उन्होंने कहा, “यद्यपि अनिश्चितताएं अभी भी हैं, लेकिन अगर टैंकरों की आवाजाही फिर से शुरू हो जाती है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बुरा खतरा टल जाना चाहिए।” हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की आपूर्ति बहाल होने और बुनियादी ढांचे की मरम्मत होने तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं। सोमवार को ब्रेंट क्रूड 1.9% बढ़कर 92.89 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी क्रूड 2.4% बढ़कर 89.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

एआई (AI) की लहर में एशियाई बाजारों की रिकॉर्ड तेजी

एशियाई बाजारों को सेमीकंडक्टर और एआई उत्पादों की जबरदस्त मांग से भारी समर्थन मिल रहा है। जापान का निक्केई (Nikkei) सूचकांक पिछले सप्ताह 5% की बढ़त के बाद सोमवार को भी 0.5% ऊपर रहा और रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का बाजार 1.3% और ताइवान का बाजार लगभग 6% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। MSCI का मुख्य एशिया-प्रशांत सूचकांक भी 0.2% की मजबूती के साथ आगे बढ़ा।

इस तेजी के पीछे एक बड़ा कारण ताइवान में आयोजित ‘कंप्यूटैक्स’ (Computex) ट्रेड शो है। एनवीडिया (Nvidia) के सीईओ जेन्सेन हुआंग इस शो का उद्घाटन करेंगे और एआई से जुड़े नए उत्पादों तथा उद्योग में ताइवान की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालेंगे।

यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों की स्थिति

जहां एशियाई बाजारों में चमक है, वहीं यूरोपीय बाजारों में थोड़ी सुस्ती देखी जा रही है। यूरोस्टॉक्स 50 (EUROSTOXX 50), DAX और FTSE वायदा सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत, S&P 500 और नैस्डैक वायदा (Nasdaq futures) बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि अमेरिकी बाजारों की अधिकांश तेजी केवल शीर्ष 10 एआई-संबंधित कंपनियों के कारण है, जो S&P 500 का 40% हिस्सा हैं। बाकी 500 में से केवल 21 शेयरों ने ही नई ऊंचाई छुई है।

मई के महीने में तकनीकी शेयरों में लगभग 16% की वृद्धि हुई, जबकि उपभोक्ता और स्वास्थ्य सेवा शेयरों में केवल 2% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं के शेयरों में 3% से अधिक की गिरावट देखी गई।

बॉन्ड बाजार और फेडरल रिजर्व का रुख

तेल की कीमतों में तेजी का असर बॉन्ड बाजारों पर भी पड़ा है। अमेरिकी 10-वर्षीय यील्ड 3 आधार अंक बढ़कर 4.470% पर पहुंच गई है। बाजार में अब यह धारणा 50-50 के अनुपात में है कि फेडरल रिजर्व मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए इस साल के अंत तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। निवेशकों की नजरें अब अमेरिकी रोजगार डेटा (पेरोल) पर टिकी हैं, जो भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

कुल मिलाकर, वैश्विक बाजार फिलहाल दो मोर्चों पर संघर्ष कर रहे हैं—एक तरफ एआई तकनीक की उम्मीदें जो बाजारों को मजबूती दे रही हैं, और दूसरी तरफ भू-राजनीतिक तनाव जो ऊर्जा क्षेत्र और महंगाई के जरिए अनिश्चितता पैदा कर रहा है।

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