दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केरल के पूर्व सीएम पिनाराई विजयन के ठिकानों पर हुई ED छापेमारी को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने इस कार्रवाई को बीजेपी और कांग्रेस की मिलीभगत करार दिया है।
बीजेपी-कांग्रेस का गठबंधन’
अरविंद केजरीवाल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “केरल के पूर्व सीएम पिनाराई विजयन के खिलाफ ED की छापेमारी, विपक्षी दलों को निशाना बनाने और लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का एक और उदाहरण है।”
केजरीवाल ने इस छापेमारी के समय पर सवाल उठाते हुए बीजेपी और कांग्रेस के बीच गुप्त गठबंधन का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस द्वारा लगातार ‘कार्रवाई न होने’ की शिकायतें करने के ठीक बाद ED का छापा पड़ना, बीजेपी और कांग्रेस के संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।”
विपक्ष का ‘हथियार’ बनीं केंद्रीय एजेंसियां
The ED raid against former Kerala CM @pinarayivijayan is yet another blatant misuse of central agencies by the BJP to target regional opposition parties and undermine democracy.
ED’s immediate raid after Congress started complaining about ‘inaction’, raises questions on the…
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 27, 2026
विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस कार्रवाई की निंदा की है। आरोप है कि यह छापेमारी उस ‘पैटर्न’ का हिस्सा है, जिसके तहत केंद्र सरकार अपनी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता निकालने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल एक हथियार के रूप में कर रही है। सीपीएम ने भी इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए कहा है कि यह न केवल पिनाराई विजयन बल्कि पूरे वामपंथी आंदोलन को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश है।
विवाद की जड़: CMRL-एक्साॅलॉग केस
ED की यह कार्रवाई कथित ‘CMRL पे-ऑफ’ मामले में की जा रही है, जो 2023 से चर्चा में है। जांच एजेंसियां पिनाराई विजयन की बेटी टी. वीना की कंपनी ‘एक्साॅलॉग सॉल्यूशंस’ और ‘कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड’ (CMRL) के बीच हुए लेन-देन की जांच कर रही हैं। हालांकि, सीपीएम का कहना है कि इन आरोपों का कोई कानूनी आधार नहीं है और यह पूरी तरह से बीजेपी की ‘संघ परिवार’ वाली राजनीति का हिस्सा है।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
तिरुवनंतपुरम में छापेमारी के दौरान भारी हंगामा भी देखने को मिला। छापेमारी पूरी करके निकलते वक्त ED अधिकारियों की गाड़ियों का विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने घेराव किया और पथराव
की खबरें भी आईं। विपक्षी नेताओं का मानना है कि बीजेपी शासित केंद्र सरकार राहुल गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं की ‘अनदेखी’ शिकायतों को पूरा करने के लिए ही इस तरह की छापेमारी का इस्तेमाल कर रही है।