आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछते हुए राम मंदिर, हनुमान और भाजपा को लेकर तीखा हमला बोला। जानिए उन्होंने क्या कहा।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई सवाल उठाए। अपने पोस्ट में उन्होंने भगवान राम और हनुमान से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए भाजपा पर धार्मिक भावनाओं को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
‘राम के घर में चोरी करने वाले खुले घूम रहे हैं’
अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में आरोप लगाया कि “भगवान राम के घर में चोरी करने वाले चोर खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।” उन्होंने कहा कि यदि सरकार और भाजपा धार्मिक आस्था के प्रति इतनी संवेदनशील हैं, तो ऐसे मामलों में भी समान गंभीरता दिखाई जानी चाहिए।
हनुमान जी को लेकर भी उठाया सवाल
प्रधानमंत्री मोदी जी से @ArvindKejriwal जी का सवाल: भगवान राम के घर में चोरी करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन जी की गाड़ी के आगे भगवान हनुमान जी को नचाया गया। तब आपकी भावनाएँ आहत क्यों नहीं हुईं? pic.twitter.com/JWoLYbVa3w
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 3, 2026
केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का जिक्र करते हुए लिखा कि “भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन जी की गाड़ी के सामने हनुमान जी को नचाया गया। तब आपकी भावनाएं क्यों नहीं आहत हुईं?” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि धार्मिक प्रतीकों से जुड़े ऐसे मामलों पर सरकार की प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखाई दी।
भाजपा पर चयनात्मक रवैये का आरोप
AAP प्रमुख ने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर चयनात्मक रवैया अपनाती है। उनके अनुसार, कुछ मामलों में धार्मिक भावनाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाता है, जबकि अन्य घटनाओं पर चुप्पी साध ली जाती है। उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था के विषय पर सभी मामलों में समान दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।
भाजपा की ओर से नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया
केजरीवाल के इन आरोपों पर खबर लिखे जाने तक भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। हालांकि, उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी बयानबाजी
देश में विभिन्न राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों को लेकर पहले से ही सियासी माहौल गर्म है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल का यह बयान राजनीतिक विमर्श को और तेज कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों और विभिन्न राजनीतिक अभियानों के बीच इस तरह के बयान राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी बन सकते हैं। फिलहाल, इस मामले पर सभी की नजर भाजपा की संभावित प्रतिक्रिया और आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर बनी हुई है।