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अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाते हुए दावा किया कि इस मामले को दबाने के लिए देशभर में तानाशाही का माहौल बनाया जा रहा है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने वोट चोरी करके सत्ता हासिल की और अब इस मामले के सामने आने के बाद इसे दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि देशभर में विरोध की आवाजों को दबाने के लिए तानाशाही का माहौल बनाया जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने लगाए ‘वोट चोरी’ के आरोप
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी वोट चोरी करके प्रधानमंत्री बने और अब इस कथित मामले का खुलासा होने के बाद इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है। केजरीवाल के मुताबिक, इस मुद्दे को लेकर उठ रही आवाजों को रोकने के लिए सख्त रवैया अपनाया जा रहा है।
AAP संयोजक ने अपने बयान में देशभर में तानाशाही का माहौल बनाए जाने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जनता के सवालों का जवाब देना बेहद जरूरी है। हालांकि, वोट चोरी से संबंधित आरोप केजरीवाल का राजनीतिक दावा है। इसकी पुष्टि के लिए संबंधित तथ्यों और आधिकारिक पक्ष को देखना आवश्यक है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच बयान
वोट चोरी कर मोदी जी प्रधानमंत्री बने हैं और उनकी चोरी पकड़ी गई है, अब वे इस बात को दबाना चाहते हैं, इसलिए पूरे देश में तानाशाही का तांडव मचा रखा है।
-@ArvindKejriwal, राष्ट्रीय संयोजक, AAP https://t.co/mSVgdmQw3B
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 10, 2026
अरविंद केजरीवाल का यह बयान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच आया है। आम आदमी पार्टी लगातार चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठा रही है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि चुनाव से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के प्रदर्शन और नेताओं के बयानों के कारण राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है। AAP का आरोप है कि चुनावी अनियमितताओं से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, संबंधित घटनाओं और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जा सकती है।
लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता पर सियासी बहस
केजरीवाल के बयान ने चुनावी पारदर्शिता, राजनीतिक विरोध और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है। AAP इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग से जवाब मांग रही है। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया पर उठने वाले सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
दूसरी ओर, इन आरोपों के संबंध में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है। फिलहाल, केजरीवाल के बयान से स्पष्ट है कि आम आदमी पार्टी ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर अपना विरोध जारी रखे हुए है। आने वाले समय में इस मामले पर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है।