तेल कंपनियों का ₹77,000 करोड़ का मुनाफा, फिर भी ₹102 में पेट्रोल क्यों? केंद्र की ‘अहंकारी’ लूट के खिलाफ गरजे अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश में पेट्रोल की आसमान छूती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने सरकारी तेल कंपनियों की मुनाफाखोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट का हवाला देते हुए केंद्र की आर्थिक नीतियों को कटघरे में खड़ा किया। केजरीवाल ने दावा किया कि साल 2014 से लेकर अब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 6 बार भारी गिरावट के साथ नीचे आई हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने इसका ₹1 का भी फायदा देश की आम जनता को नहीं दिया है।
उन्होंने मांग की कि देश के आम नागरिकों को तुरंत राहत देते हुए देश में ‘प्योर पेट्रोल’ (बिना इथेनॉल मिलाया हुआ शुद्ध पेट्रोल) ₹82 प्रति लीटर की दर पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
₹77 हजार करोड़ का बंपर मुनाफा, फिर भी जनता पर ₹102 का बोझ
2014 से अब तक कच्चे तेल की कीमतें 6 बार गिरीं, लेकिन जनता को राहत नहीं मिली। पिछले साल तेल कंपनियों को ₹77 हज़ार करोड़ का मुनाफ़ा हुआ। इसके बावजूद सरकार आज भी देश में ₹102 प्रति लीटर के हिसाब से पेट्रोल बेच रही है।
हमारी केंद्र सरकार से मांग है कि देशवासियों को ₹82 प्रति लीटर… pic.twitter.com/isT70rjU5s
— AAP (@AamAadmiParty) July 9, 2026
अरविंद केजरीवाल ने तेल कंपनियों के वित्तीय आंकड़ों को उजागर करते हुए केंद्र सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “यह बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक है कि पिछले साल ही देश की सरकारी तेल कंपनियों ने कुल ₹77,000 करोड़ का बंपर मुनाफा कमाया है। पिछले 3 से 4 साल से ये कंपनियां लगातार भारी मुनाफाखोरी कर रही हैं। इसके बावजूद, आज देश की जनता को ₹102 प्रति लीटर की दर से महंगा पेट्रोल खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है। जब तेल कंपनियां हजारों करोड़ का मुनाफा कमा रही हैं, तो कच्चे तेल की गिरावट का लाभ देश के मध्यम वर्ग, किसानों और कामकाजी पेशेवरों को क्यों नहीं ट्रांसफर किया जा रहा?”
केजरीवाल ने केंद्रीय मंत्रियों के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें युद्ध या वैश्विक मंदी के दौरान कंपनियों को हुए पुराने नुकसान की भरपाई करने की दलील दी जाती है। उन्होंने कहा कि पुराने बंपर मुनाफे का इस्तेमाल इन छोटे नुकसानों की भरपाई के लिए क्यों नहीं किया गया? आज जो जनता से वसूला जा रहा है, वह पूरी तरह से एक ‘नाजायज मुनाफा’ है।
“जनता से ₹102 वसूलना सरासर तानाशाही” – आम आदमी पार्टी की बड़ी मांग
‘आप’ सुप्रीमो ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें सीधे तौर पर देश की महंगाई को प्रभावित करती हैं। आज पेट्रोल की ऊंची दरों के कारण माल ढुलाई महंगी हो गई है, जिससे फल, सब्जियां और राशन जैसी हर जरूरी चीज के दाम आसमान छू रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने देश की जनता की तरफ से केंद्र सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं:
₹82 में मिले प्योर पेट्रोल: देश के सभी पेट्रोल पंपों पर उन वाहनों के लिए शुद्ध पेट्रोल (बिना इथेनॉल वाला) ₹82 प्रति लीटर की वाजिब कीमत पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए, जिनके इंजन इथेनॉल ईंधन के अनुकूल नहीं हैं।
E20 पेट्रोल की कीमत ₹70 हो: सरकार जो 20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) जबरन बेच रही है, उसकी कीमत ₹70 प्रति लीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इथेनॉल मिलाने से ईंधन की लागत काफी कम हो जाती है।
केजरीवाल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि लोकतंत्र में कोई भी सरकार जनता की जेब काटकर और उनके अधिकारों को नजरअंदाज करके नहीं चल सकती। सरकार को अपना अहंकार छोड़ना होगा और तुरंत तेल की कीमतों में कटौती कर जनता को राहत देनी होगी।