आम आदमी पार्टी ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी का दावा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। पार्टी की ओर से साझा किए गए संदेश में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ो’ का नारा देते हुए दावा किया गया कि अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करके कथित वोट चोरी के मुद्दे को नहीं दबाया जा सकता। संदेश में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई गई है।
‘दमन से आवाज नहीं दबेगी’: AAP का संदेश
आम आदमी पार्टी के संदेश में कहा गया कि जब सत्ता के गलियारों से लोगों पर अत्याचार किए जाते हैं, तो क्रांति के नारे हर तरफ गूंजते हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कथित वोट चोरी के मुद्दे को छिपा नहीं सकते। संदेश में ‘Vote Thief, Vacate the Throne’ यानी ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ो’ का नारा भी दिया गया।
AAP ने इस बयान के जरिए चुनावी पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े सवालों को उठाया है। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से संबंधित आरोपों पर जवाब मिलना चाहिए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ देना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज
वोट चोर, गद्दी छोड़‼️
जुल्मी जब-जब जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से, चप्पा-चप्पा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से!
अरविंद केजरीवाल जी को गिरफ्तार करके प्रधानमंत्री मोदी अपनी चोरी नहीं छिपा सकते।
वोट चोर ज्ञानेश कुमार को जाना पड़ेगा! https://t.co/aa4JPVtulP
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 10, 2026
‘वोट चोरी’ को लेकर आम आदमी पार्टी और विपक्ष के कुछ नेताओं की ओर से निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाए जा रहे हैं। AAP का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उठाई जा रही आवाजों को दबाने की कोशिश हो रही है। पार्टी लगातार ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।
हालांकि, वोट चोरी से जुड़े आरोप राजनीतिक दावे हैं। उनकी पुष्टि के लिए संबंधित तथ्यों, दस्तावेजों और निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पक्ष को देखना जरूरी है।
चुनावी पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक टकराव
इस बयान से केंद्र सरकार, निर्वाचन आयोग और आम आदमी पार्टी के बीच जारी राजनीतिक विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। AAP इस मुद्दे को लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता से जोड़कर उठा रही है। पार्टी का कहना है कि विरोध और सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
फिलहाल, इस मामले में लगाए गए आरोपों और गिरफ्तारी से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।