स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अध्यक्षता में बैठक में 9 ब्लड डोनेशन वैन, 274 रैक और 9 डीजल जनरेटर की व्यवस्था को मंजूरी दी गई। मेडिकल सामग्री और जरूरी दवाओं की खरीद के फैसले भी हुए।
हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अध्यक्षता में स्पेशल हाई-पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के अस्पतालों में जरूरी चिकित्सा सुविधाओं, उपकरणों और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार के मुताबिक, इन फैसलों का उद्देश्य जिला अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
जिला अस्पतालों को मिलेंगी 9 ब्लड डोनेशन वैन
बैठक में जिला अस्पतालों के लिए 9 ब्लड डोनेशन वैन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इन वाहनों पर करीब 4.18 करोड़ रुपये की लागत आएगी। ब्लड डोनेशन वैन के जरिए विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित करने और रक्त संग्रह की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में रक्त की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। ऐसे में इन वैन के जरिए जिला स्तर पर रक्त संग्रह की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने पर जोर दिया जाएगा।
दवाओं और वैक्सीन के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था
स्वास्थ्य मंत्री @ArtiSinghRao की अध्यक्षता में हुई विशेष उच्च अधिकार प्राप्त खरीद समिति की बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
जिला अस्पतालों के लिए ₹4.18 करोड़ की लागत से 9 ब्लड डोनेशन वैन, दवाओं व टीकों के सुरक्षित भंडारण के…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 30, 2026
बैठक में दवाओं और वैक्सीन के सुरक्षित भंडारण के लिए 274 रैक उपलब्ध कराने का भी फैसला लिया गया। अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं को व्यवस्थित तरीके से रखने के लिए पर्याप्त भंडारण व्यवस्था जरूरी है। नई रैक व्यवस्था से मेडिकल स्टोर और संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं तथा वैक्सीन को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा अस्पतालों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 9 डीजल जनरेटर सेट उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया। बिजली बाधित होने की स्थिति में ये जनरेटर आवश्यक चिकित्सा सेवाओं और उपकरणों को चालू रखने में मदद करेंगे।
1 लाख माइक्रो PCR TB टेस्ट किट की व्यवस्था
बैठक में टीबी की जांच को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। राज्य में 1 लाख माइक्रो PCR TB टेस्ट किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इन किट के जरिए टीबी की जांच के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
टीबी की समय पर पहचान और जांच स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पर्याप्त टेस्ट किट उपलब्ध होने से मरीजों की जांच प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
132 करोड़ रुपये के मेडिकल कंज्यूमेबल्स की खरीद
स्पेशल हाई-पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में अस्पतालों के लिए करीब 132 करोड़ रुपये के मेडिकल कंज्यूमेबल्स उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इनमें स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के उपचार और विभिन्न चिकित्सा प्रक्रियाओं में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक सामग्री शामिल होगी।
इसके साथ ही 80 करोड़ रुपये की AYUSH दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी फैसला लिया गया। सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था में आयुष सेवाओं से संबंधित दवाओं की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए यह खरीद प्रस्ताव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एंटी-रेबीज वैक्सीन के लिए 12.10 करोड़ रुपये
बैठक में 12.10 करोड़ रुपये की एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया। कुत्ते या अन्य संक्रमित पशुओं के काटने के मामलों में समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध होना बेहद जरूरी होता है। जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खरीद का फैसला लिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर सरकार का फोकस
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए फैसलों में रक्त संग्रह, दवाओं के सुरक्षित भंडारण, बिजली की बैकअप व्यवस्था, टीबी जांच, मेडिकल कंज्यूमेबल्स, आयुष दवाओं और एंटी-रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता को शामिल किया गया है।
इन फैसलों के जरिए राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में जरूरी संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने और मरीजों को आवश्यक सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर खरीद और आपूर्ति से जुड़े इन निर्णयों को अस्पतालों की कार्यक्षमता तथा चिकित्सा सेवाओं की निरंतरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।