अनुष्का रंजन ने IVF जर्नी के दौरान हुए शारीरिक और भावनात्मक दर्द के बारे में खुलकर बात की। आदित्य सील ने बताया कि दोनों ने गोद लेने पर भी विचार किया था।
माना जाता है कि मां बनना हर महिला के जीवन का बेहद खूबसूरत एहसास है, लेकिन कई महिलाओं के लिए इस सफर को पार करना मुश्किल होता है। अब तक, बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का रंजन ने अपनी IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) प्रक्रिया के दौरान झेली गई शारीरिक और मानसिक समस्याओं पर खुलकर बात की है। उन्हें बताया गया कि उन्हें गर्भधारण की कोशिशों में कई तरह की दवाइयां, इंजेक्शन और भावनात्मक गिरावटों से गुजरना पड़ा। साथ ही, अभिनेता आदित्य सील, उनके पति, ने भी स्वीकार किया कि पत्नी को इस कठिन समय से गुजरते देख उन्होंने भी उसे गोद लेने का निर्णय लिया था। 23 अगस्त को दोनों ने अपनी दो जुड़वां बेटियों, वीरा और विरा, को जन्म दिया है।
माता-पिता बनने का प्रयत्न प्राकृतिक रूप से शुरू हुआ
अनुष्का रंजन ने नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो डबल डेट में बताया कि शुरुआत में उन्होंने और आदित्य सील ने सामान्य ढंग से बच्चा बनाने की कोशिश की थी। डॉक्टरों ने कहा कि पहले कुछ महीनों तक प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने की कोशिश करें जब उन्हें लगा कि अब परिवार बनाने का सही समय है।
अनुष्का ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें लगभग छह महीने से एक वर्ष इंतजार करने की सलाह दी। लेकिन इस दौरान गर्भधारण नहीं हो पाया, तो डॉक्टरों ने इन्टरयूटेरिन इंसैमिनेशन (IUI) की सलाह दी, जो IVF की तुलना में थोड़ा आसान और कम जटिल है।
IUI के दौरान भी दवा और इंजेक्शन का सहारा लेना पड़ा
अभिनेत्री ने बताया कि भले ही IUI प्रक्रिया सुनने में आसान लगे, लेकिन इसमें भी कई इंजेक्शन और दवा लेनी पड़ती है। उनका कहना था कि उन्हें तीन से चार इंजेक्शन लेने पड़ते थे, साथ ही हर दिन कई तरह की दवाइयां लेनी पड़ती थीं।
अनुष्का ने बताया कि इन दवाइयों से उनका मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हुआ। दवा लेने से उसे खोया हुआ महसूस होने लगा था, उन्होंने कहा। उनकी मनोस्थिति निरंतर बदलती जाती थी और वे अक्सर बेचैन और उदास महसूस करते थे, बिना किसी कारण के। उन्हें लगता था कि इस समय उन्हें अंदर से बहुत कमजोर कर दिया गया था।
आखिर IVF करने का निर्णय क्यों लिया गया?
डॉक्टरों ने IUI के बाद भी IVF की सलाह दी जब सफलता नहीं मिली। अनुष्का ने बताया कि कृत्रिम विवाह (IVF) में गर्भधारण की संभावना IUI की तुलना में कम होती है, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाने का निर्णय लिया।
लेकिन उनके लिए IVF प्रक्रिया कठिन थी। इसमें लगातार मेडिकल टेस्ट, हार्मोनल इंजेक्शन और दवा लेनी पड़ी। उस समय उन्हें लगने लगा था कि शायद उनके शरीर में ही कोई कमी है या कुछ नहीं है।
अनुष्का ने बहुत भावुक होकर कहा कि उन्होंने कई बार सोचा भी कि शायद उन्होंने जीवन में कुछ गलत किया होगा। उन्हें लगता था कि शायद उन्हें अलग जीवनशैली अपनानी चाहिए थी या कुछ खाना नहीं खाना चाहिए था। उन्हें यह विचार लगातार परेशान करता रहा।
समाज के डर से शर्मिंदगी
अनुष्का रंजन ने IVF से जुड़ी एक भावना को साझा किया जिससे कई महिलाएं अपने आप को जोड़ सकती हैं। उनका कहना था कि उन्हें लोगों को बताने में भी शर्म आने लगी थी कि वे बच्चा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
जैसा कि उन्होंने कहा, “हम कोशिश कर रहे हैं” कहना बाहर से बहुत आसान लगता है, लेकिन यह एक बहुत कठिन भावनात्मक अनुभव है। उन्हें लगता था कि लोग उन्हें जज करेंगे या सवाल पूछेंगे कि बच्चा अभी तक नहीं हुआ क्यों?
अभिनेत्री का कहना है कि फर्टिलिटी और IVF जैसे विषयों पर आज भी समाज में खुलकर चर्चा नहीं होती। यही कारण है कि कई महिलाएं अकेले इस दर्द को सहती हैं और अपनी पीड़ा को किसी और से साझा नहीं कर पातीं।
आदित्य सील पत्नी का दर्द देखकर टूट गए
आदित्य सील ने भी इस बहस में अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अनुष्का को अपनी आंखों के सामने मानसिक और शारीरिक पीड़ा से गुजरते देखा। उनकी पत्नी हर दवा, इंजेक्शन और उम्मीद से टूटती और फिर खुद को संभालती थीं।
आदित्य ने बताया कि एक समय ऐसा आया जब उन्होंने मन ही मन फैसला किया कि वे फिर से IVF नहीं करेंगे अगर यह कोशिश असफल होगी। किसी भी चीज से अधिक उनके लिए अनुष्का की मानसिक और शारीरिक सेहत महत्वपूर्ण थी।
उनका कहना था कि एक पति के रूप में अपनी पत्नी को इस तरह पीड़ित देखना भी बहुत मुश्किल था।
गोद लेने का भी विकल्प था तैयार।
बातचीत की सबसे भावुक बात यह रही कि अनुष्का और आदित्य ने गोद लेने के विकल्प पर भी बहुत सोचा था।
दोनों ने मानना था कि अगर वे जैविक रूप से माता-पिता नहीं बन पाए, तो भी वे किसी बच्चे को सुरक्षा, प्यार और बेहतर जीवन देना चाहते थे। उनके लिए माता-पिता बनना सिर्फ जन्म देना नहीं था, बल्कि परवरिश करना भी था।
कपल कहते हैं कि उन्होंने इस निर्णय को कभी नहीं नकारा और खुले दिल से इसके बारे में हमेशा सोचा।
जुड़वां बेटियों के जन्म की खुशी
लंबे इंतजार और कठिन परिस्थितियों के बाद 23 अगस्त को अनुष्का रंजन और आदित्य सील के घर खुशियां आईं। दोनों बेटियों को जन्म दिया। उन्हें अपनी बेटियों का नाम बहुत प्यार से विरा रखा है।
कपल को इस खुशखबरी के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों और बॉलीवुड कलाकारों ने बधाइयां दीं। लंबे संघर्ष के बाद माता-पिता बनने की खुशी उनके लिए एक सपने की वास्तविकता थी।
IVF पर खुलकर बात करने की आवश्यकता क्यों है?
अनुष्का रंजन की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री की व्यक्तिगत कहानी नहीं है; यह लाखों महिलाओं की आवाज है जो फर्टिलिटी संबंधी समस्याओं से गुजरती हैं। Ivf और IUI जैसी प्रक्रियाएं केवल मेडिकल उपचार नहीं होतीं; ये आपके मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और प्रेम पर भी प्रभाव डालती हैं।
अनुष्का ने अपनी कहानी से यह सन्देश दिया कि फर्टिलिटी समस्याएं किसी की कमजोरी नहीं हैं। ऐसे हालात में जज करने के बजाय, महिलाओं को भावनात्मक सहायता और साथ देना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। साथ ही, आदित्य सील का समर्थन बताता है कि ऐसे कठिन समय में जीवनसाथी का साथ किसी भी प्रकार की सहायता से कम नहीं होता।