आम आदमी पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने स्वर्ण मंदिर में सिर न ढकने पर बीजेपी पर निशाना साधा। कहा- पंजाब की भावनाओं का अपमान कर रही है बीजेपी।
पंजाब के पवित्र स्थलों और धार्मिक मान्यताओं के प्रति बीजेपी नेताओं की कथित बेरुखी पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं द्वारा श्री हरिमंदिर साहिब के समक्ष सिर न ढकना न केवल धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन है, बल्कि पंजाब की भावनाओं का भी सीधा अपमान है।
“बीजेपी से पंजाब के सम्मान की उम्मीद कैसी?”
अनुराग ढांडा ने अपने सख्त लहजे में कहा, “यह बेहद दुखद है कि जिन नेताओं के पास उच्च संवैधानिक जिम्मेदारियां हैं, वे गुरु घर की गरिमा को समझने में भी विफल रहते हैं। श्री हरिमंदिर साहिब के समक्ष उपस्थित होते समय सिर को ढंकना आदर और श्रद्धा का प्रतीक है, लेकिन बीजेपी के नेताओं में इस बेसिक डेकोरम का भी अभाव है।”
उन्होंने आगे कहा, “जो पार्टी पंजाब की धार्मिक मर्यादाओं का सम्मान नहीं कर सकती, उससे हम पंजाब के हितों के प्रति संवेदनशीलता की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? यह स्पष्ट है कि बीजेपी के मन में पंजाब की संस्कृति और यहाँ के लोगों की भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं है।”
धार्मिक भावनाओं पर प्रहार: जनता का आक्रोश
बहुत दुख होता है यह देखकर कि इतने बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं को इतना भी मर्यादा का ध्यान नहीं रहता कि श्री हरमंदिर साहिब का स्वरूप भेंट करते समय आदर एवं श्रद्धा के प्रतीक के रूप में सिर अवश्य ढका होना चाहिए।
जो बीजेपी पंजाब की भावनाओं और उसकी धार्मिक मर्यादाओं का सम्मान… pic.twitter.com/QcDzYyhYmK
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) June 30, 2026
ढांडा ने इस घटना को बीजेपी की ‘पंजाब विरोधी’ मानसिकता का हिस्सा बताया। उन्होंने सवाल किया कि क्या बीजेपी पंजाब को केवल एक राजनीतिक अखाड़ा मानती है, जहाँ उसे अपनी गरिमा या मर्यादा की कोई परवाह नहीं?
- मर्यादा का सवाल: पवित्र स्थलों पर नतमस्तक होते समय नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया?
- बीजेपी का दोहरा चेहरा: एक तरफ चुनाव में पंजाबियत का ढोंग और दूसरी तरफ धार्मिक अनुष्ठानों में घोर उपेक्षा।
- पंजाब की अस्मिता: क्या बीजेपी पंजाब की भावनाओं को पैरों तले रौंदना चाहती है?
“पंजाब अब जाग चुका है”
अनुराग ढांडा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पंजाब की जनता सब देख रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब अब ऐसी किसी भी ताकत को बर्दाश्त नहीं करेगा जो उसकी मान्यताओं को अपमानित करने का प्रयास करे। उन्होंने बीजेपी को सलाह दी कि वे पंजाब की धरती पर आकर अपनी राजनीति चमकाने से पहले यहाँ की मिट्टी की खुशबू और गुरु घर की मर्यादा को समझना सीखें।
यह रिपोर्ट बीजेपी के उस कथित अहंकार को उजागर करती है, जहाँ संवैधानिक पद पर बैठने के बाद भी व्यक्ति विनम्रता और मर्यादा खो देता है। पंजाब की राजनीति में इस बयान के बाद अब धार्मिक भावनाओं का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है।