अंजुम चोपड़ा ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को T20 वर्ल्ड कप का प्रबल दावेदार बताया। जानिए टीम इंडिया की तैयारियों और वर्ल्ड कप की चुनौतियों पर क्या कहा पूर्व कप्तान ने।
बर्मिंघम: पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज क्रिकेटर अंजुम चोपड़ा ने आगामी महिला T20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम की संभावनाओं पर अपना भरोसा जताया है। चोपड़ा का मानना है कि मौजूदा भारतीय टीम जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रही है और उन्हें इंग्लैंड की परिस्थितियों का जो अनुभव प्राप्त हुआ है, वह उन्हें इस टूर्नामेंट में सबसे मजबूत दावेदारों में से एक बनाता है। भारत अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत 14 जून को बर्मिंघम में अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ करेगा।
अनुभव और तैयारी का फायदा
अंजुम चोपड़ा के अनुसार, पिछली भारतीय टीमों की तुलना में वर्तमान टीम इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझने में सक्षम है। लगातार हो रहे दौरों और इंग्लैंड में नियमित रूप से क्रिकेट खेलने के कारण भारतीय खिलाड़ियों को वहां की पिचों और मौसम के मिजाज का अच्छा अंदाजा हो गया है। चोपड़ा ने कहा, “हमारी टीम अब काफी परिपक्व हो गई है। उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का जो अनुभव है, वह वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर बहुत काम आने वाला है।”
कठिन पूल: चुनौती को हल्के में नहीं ले सकते
हालांकि अंजुम चोपड़ा टीम इंडिया की क्षमता पर पूरा भरोसा करती हैं, लेकिन उन्होंने वर्ल्ड कप के कठिन ड्रा को लेकर चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि भारत जिस पूल में है, उसमें दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी शक्तिशाली टीमें मौजूद हैं। “पाकिस्तान की टीम भी इन दिनों बहुत अच्छी क्रिकेट खेल रही है। साथ ही, हमें नीदरलैंड जैसी टीम को भी कम नहीं आंकना चाहिए, क्योंकि उन्होंने वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया है। पूल में इतनी मजबूत टीमों के होने के कारण सेमीफाइनल में जगह बनाना कतई आसान नहीं होगा।”
चोपड़ा ने इस बात पर जोर दिया कि हर मैच में अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में रहना अनिवार्य है, क्योंकि वर्ल्ड कप के प्रारूप में छोटी सी चूक का खामियाजा सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होकर भुगतना पड़ सकता है।
यास्तिका भाटिया की वापसी: टॉप ऑर्डर को मिली मजबूती
इंग्लैंड के खिलाफ चल रही मौजूदा सीरीज ने भारतीय टीम की तैयारियों को एक नई दिशा दी है। इस सीरीज का सबसे सकारात्मक पहलू विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया की चोट के बाद शानदार वापसी रही है। बाएं हाथ की इस बल्लेबाज ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले T20 मैच में एक बेहतरीन अर्धशतक जड़कर अपनी उपयोगिता साबित की है। यास्तिका के फॉर्म में आने से टीम का टॉप ऑर्डर अब पहले से कहीं अधिक संतुलित और मजबूत दिखाई दे रहा है।
बल्लेबाजी में लचीलापन (Batting Flexibility) ही होगी जीत की कुंजी
अंजुम चोपड़ा ने विशेष रूप से भारतीय टीम की ‘बल्लेबाजी फ्लेक्सिबिलिटी’ पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक क्रिकेट में वही टीम सफल है जो परिस्थितियों के अनुसार अपने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव कर सके। भारत को अपने मिडिल ऑर्डर और लोअर ऑर्डर के बल्लेबाजों को इस तरह तैयार करना होगा कि वे मैच की स्थिति के अनुसार आक्रामक शॉट खेल सकें या पारी को संभाल सकें।
वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड का यह दौरा भारतीय खिलाड़ियों के लिए एक ‘ड्रेस रिहर्सल’ की तरह है। अंजुम चोपड़ा मानती हैं कि यदि भारत अपनी बल्लेबाजी की गहराई और गेंदबाजी में विविधता (Variation) का सही इस्तेमाल करता है, तो निश्चित रूप से वे कप उठाने की दौड़ में सबसे आगे होंगे।
भारतीय महिला टीम के लिए यह T20 वर्ल्ड कप केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि इतिहास रचने का मौका है। पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला पहला मैच न केवल भावनात्मक रूप से बड़ा है, बल्कि यह टीम के मनोबल के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। अंजुम चोपड़ा का यह समर्थन भारतीय फैंस के लिए एक उम्मीद जगाता है कि उनकी पसंदीदा खिलाड़ी इस बार वर्ल्ड कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगी। अब पूरी दुनिया की नजरें 14 जून को बर्मिंघम के मैदान पर होंगी, जहां भारत और पाकिस्तान की टीमें एक बार फिर आमने-सामने होंगी। भारतीय टीम को यदि वर्ल्ड कप जीतना है, तो उन्हें हर विभाग में निरंतरता बनाए रखनी होगी और दबाव के क्षणों में संयम का परिचय देना होगा।