अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर को अरावली प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 526 करोड़ रुपये का आर्बिट्रेशन अवॉर्ड मिला। लोन फ्रॉड मामले के बीच यह कानूनी जीत कंपनी के लिए बड़ी राहत साबित हुई।
अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (RInfra) को एक बड़ी कानूनी जीत मिली है। कंपनी ने अरावली प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 526 करोड़ रुपये का आर्बिट्रेशन अवॉर्ड हासिल किया है। यह अवॉर्ड रिलायंस इंफ्रा के लिए राहत की खबर लेकर आया है, खासकर तब जब अनिल अंबानी हाल ही में बड़े लोन फ्रॉड मामले में जांच के घेरे में हैं।
मामला क्या है?
2018 में अरावली पावर ने रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर कॉन्ट्रैक्ट उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अनुबंध समाप्त करने का नोटिस दिया था। इसके बाद रिलायंस इंफ्रा ने इस मामले को सुलझाने के लिए आर्बिट्रियल ट्रिब्यूनल का सहारा लिया।
सुप्रीम कोर्ट के तीन सदस्यीय आर्बिट्रियल ट्रिब्यूनल ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया कि कॉन्ट्रैक्ट खत्म करना गलत था। ट्रिब्यूनल ने रिलायंस इंफ्रा को 419 करोड़ रुपये मूल राशि, 5 करोड़ रुपये की लागत, और 149 करोड़ रुपये ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया। इसके साथ ही पेमेंट की वास्तविक तारीख तक की ब्याज राशि भी दी जाएगी।
अरावली पावर ने भी जीता था बड़ा केस
दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में अरावली पावर के पक्ष में 600 करोड़ रुपये का आर्बिट्रेशन अवॉर्ड दिया था। तब से दोनों कंपनियों के बीच कानूनी लड़ाई जारी थी, जो अब इस नए फैसले के साथ समाप्त होती दिख रही है।
अनिल अंबानी के लिए राहत की खबर
अनिल अंबानी पिछले दिनों 17,000 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड मामले में जांच के दबाव में थे। ईडी ने उनकी कई कंपनियों पर छापेमारी की, जबकि सेबी ने भी उनके निवेश से जुड़े प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। ऐसे में रिलायंस इंफ्रा का यह आर्बिट्रेशन अवॉर्ड जीतना कंपनी के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रहा है।