अनिल अंबानी पर ED की बड़ी कार्रवाई: 10-12 ठिकानों पर छापामारी, शेयरों में दिखा उछाल

अनिल अंबानी पर ED की बड़ी कार्रवाई: 10-12 ठिकानों पर छापामारी, शेयरों में दिखा उछाल

अनिल अंबानी और रिलायंस पावर से जुड़े 10-12 ठिकानों पर ED की छापामारी, मनी लॉन्ड्रिंग जांच के बीच शेयरों में तेजी। जानें कार्रवाई और अटैच की गई संपत्तियों की पूरी जानकारी।

उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों के खिलाफ आज एक बार फिर एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। ED की लगभग 15 टीमों ने सुबह-सुबह 10 से 12 अलग-अलग लोकेशन्स पर छापामारी की, जिनमें ज्यादातर मुंबई के ठिकाने शामिल थे। यह छापामारी उनके खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच का हिस्सा है।

छापामारी का दायरा और कंपनियां

ED की कार्रवाई में मुख्य रूप से रिलायंस पावर और इससे जुड़ी अन्य कंपनियों के ठिकानों को शामिल किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह छापामारी पिछले कुछ समय से चल रही जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

शेयर मार्केट में प्रतिक्रिया

ED की कार्रवाई के बीच रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रा के शेयरों में तेजी देखने को मिली। रिलायंस पावर के शेयर 2% उछलकर 23 रुपये पर पहुंचे, जबकि रिलायंस इंफ्रा के शेयर 4% से अधिक की बढ़त के साथ 94.20 रुपये पर कारोबार करते नजर आए।

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पिछले सप्ताह की पूछताछ

पिछले हफ्ते ED ने अनिल अंबानी से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अन्य लेंडर्स से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के बैंकिंग फ्रॉड मामले में 10 घंटे से अधिक पूछताछ की थी। हालांकि, यस बैंक से मिले लोन को लेकर चल रही मनी-लॉन्ड्रिंग जांच में वे अभी तक पेश नहीं हुए हैं।

अटैच की गई संपत्तियां

जांच के दौरान ED ने अनिल अंबानी से जुड़ी प्रॉपर्टी और संपत्तियां प्रोविजनल तौर पर अटैच की हैं। इनमें लगभग 3,761 करोड़ रुपये की रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक, अटैच की गई कुल संपत्तियों की कीमत लगभग 15,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

अनिल अंबानी पर मुख्य आरोप

अनिल अंबानी पर आरोप है कि उन्होंने बैंकों से लिए गए फंड्स को अपनी कंपनियों के जरिए डायवर्ट किया। बताया जा रहा है कि रिलायंस कम्युनिकेशन और रिलायंस पावर जैसी कंपनियों ने बिजनेस के लिए लोन लिया, लेकिन इन पैसों को वास्तविक बिजनेस में लगाने के बजाय अकाउंट से अकाउंट ट्रांसफर, शेल कंपनियों को पेमेंट और लोन देने जैसे तरीकों से डायवर्ट किया गया।

इस कार्रवाई के बाद शेयर मार्केट और निवेशकों की नजरें अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों पर टिकी हुई हैं।

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