श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि अंबाला कैंट में 5.18 एकड़ जमीन पर 100 बेड का अत्याधुनिक ESIC अस्पताल बनेगा। इससे करीब 70 हजार बीमित कर्मचारियों और उनके परिवारों को लाभ मिलेगा।
हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने अंबाला कैंट के लोगों के लिए बड़ी सौगात की जानकारी दी है। अंबाला कैंट में जल्द ही 100 बेड वाले अत्याधुनिक ESIC अस्पताल की स्थापना की जाएगी। अस्पताल के निर्माण के लिए HSVP के सेक्टर-33 में 5.18 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। इस जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया जल्द पूरी होने वाली है। इसके बाद जमीन का कब्जा कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) को सौंप दिया जाएगा और अस्पताल स्थापित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
70 हजार से अधिक बीमित कर्मचारियों और परिवारों को मिलेगा लाभ
श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि इस अस्पताल के बनने से अंबाला और आसपास के क्षेत्रों के करीब 70,000 बीमित कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा आसपास के जिलों के पात्र लाभार्थियों को भी इस अस्पताल से चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 100 बेड वाले ESIC अस्पताल के निर्माण से क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और बीमित कर्मचारियों को इलाज के लिए दूर के अस्पतालों पर निर्भरता कम हो सकती है।
जमीन की रजिस्ट्री जल्द पूरी होने की तैयारी
अनिल विज ने बताया कि अस्पताल की स्थापना के लिए HSVP के सेक्टर-33 में निर्धारित 5.18 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री जल्द पूरी की जाएगी। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद जमीन का कब्जा ESIC को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद अस्पताल निर्माण से संबंधित अगली प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
सरकार का प्रयास है कि जमीन हस्तांतरण और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि अस्पताल परियोजना को धरातल पर उतारने में अनावश्यक देरी न हो।
आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल
अंबाला छावनी को जल्द 100 बिस्तरों के अत्याधुनिक ESIC अस्पताल की सौगात मिलेगी। अस्पताल की स्थापना के लिए HSVP के सेक्टर-33 में 5.18 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री जल्द पूरी की जाएगी। इसके बाद भूमि का कब्जा ESIC को सौंपकर अस्पताल की स्थापना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 25, 2026
प्रस्तावित ESIC अस्पताल के जरिए बीमित कर्मचारियों और उनके परिवारों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। 100 बेड की क्षमता वाला अस्पताल अंबाला कैंट और आसपास के क्षेत्रों में ESIC लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।
अस्पताल स्थापित होने के बाद कर्मचारियों और उनके परिजनों को चिकित्सा परामर्श और उपचार के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे। इससे क्षेत्र में कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अंबाला और आसपास के जिलों को मिलेगा फायदा
अस्पताल का लाभ केवल अंबाला कैंट तक सीमित नहीं रहेगा। अंबाला और आसपास के इलाकों के साथ-साथ नजदीकी जिलों के बीमित कर्मचारी और उनके परिवार भी इससे लाभान्वित हो सकेंगे। करीब 70 हजार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की यह परियोजना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अनिल विज ने कहा कि सरकार का उद्देश्य श्रमिकों और उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ESIC अस्पताल के निर्माण से इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कमी पूरी होने की उम्मीद है।
श्रमिकों के स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस
कर्मचारी वर्ग किसी भी राज्य की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में उनके लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। अंबाला कैंट में प्रस्तावित ESIC अस्पताल इसी दिशा में एक अहम पहल है।
अनिल विज के मुताबिक, अस्पताल के निर्माण से बीमित कर्मचारियों और उनके परिवारों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सुविधा अधिक सुलभ बनेगी।
जल्द शुरू होगी अस्पताल स्थापना की अगली प्रक्रिया
5.18 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री पूरी होने के बाद उसे ESIC को सौंपा जाएगा। इसके बाद अस्पताल स्थापित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार की ओर से जमीन से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद परियोजना के अगले चरणों पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
अंबाला कैंट में 100 बेड के ESIC अस्पताल की स्थापना से क्षेत्र के हजारों बीमित कर्मचारियों और उनके परिवारों को लंबे समय में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की संभावना है। श्रम मंत्री अनिल विज ने इसे श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा के रूप में बताया है।