आलिया भट्ट की फिल्म ‘अल्फा’ की रिलीज से पहले उनकी मां सोनी राजदान ने अपनी 97 वर्षीय मां के लिए एक प्रेरणादायक नोट लिखा है।
आलिया भट्ट की बहुप्रतीक्षित जासूसी थ्रिलर फिल्म ‘अल्फा’ (Alpha) की रिलीज का उत्साह दर्शकों के बीच चरम पर है। फिल्म के सिनेमाघरों में दस्तक देने से कुछ घंटे पहले, आलिया की मां और अनुभवी अभिनेत्री सोनी राजदान ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और प्रेरक पोस्ट साझा किया है। सोनी ने आलिया की नानी (आलिया की परदादी) के साथ चार पीढ़ियों की एक तस्वीर साझा की है, जिसमें आलिया भट्ट और उनकी बेटी राहा भी नजर आ रही हैं। इस पोस्ट के जरिए सोनी राजदान ने अपनी मां को परिवार की असली ‘ओजी अल्फा’ (OG Alpha) बताया है।
संघर्ष और साहस की एक गौरवशाली गाथा
सोनी राजदान ने अपनी मां के जीवन के उन संघर्षों का जिक्र किया है, जो उन्हें सही मायनों में एक ‘अल्फा महिला’ साबित करते हैं। सोनी ने लिखा, “आलिया की नानी, जो 97 साल की हैं, अपनी पोती की फिल्म की रिलीज से पहले उन्हें इस तरह शुभकामनाएं देना चाहती थीं।” इसके बाद उन्होंने अपनी मां के जीवन का एक ऐसा पन्ना खोला जिसे जानकर हर कोई स्तब्ध रह गया। सोनी ने बताया कि उनकी मां ने मात्र 6 साल की उम्र में नाजी जर्मनी से पलायन किया था। हालांकि वे यहूदी नहीं थीं, लेकिन उनके दादाजी ने खुले तौर पर हिटलर का विरोध किया था, जिसके कारण पूरे परिवार को अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागना पड़ा। चेकोस्लोवाकिया में कई वर्षों तक कठोर कठिनाइयों का सामना करने के बाद, उन्होंने अंततः ‘ज्यूइश किंडर ट्रांसपोर्ट’ (Jewish kinder transport) ट्रेन के जरिए यूके में शरण ली।
एक नई शुरुआत और भारतीय जुड़ाव
सोनी राजदान ने अपनी पोस्ट में आगे बताया कि कैसे तमाम मुश्किलों को पार करते हुए उनकी मां भारत पहुंचीं, जहां उनकी मुलाकात एनएन राजदान (NN Razdan) से हुई। उनसे शादी के बाद उन्होंने भारत में एक नए जीवन की शुरुआत की। सोनी का मानना है कि ‘अल्फा’ महिलाएं हमारे आसपास हर जगह मौजूद हैं और असल में हमारी सभी मांएं और दादी-नानी ‘अल्फा’ ही हैं। उन्होंने अपने फॉलोअर्स से भी उन महिलाओं के बारे में लिखने का आग्रह किया जो उनके जीवन में एक ‘अल्फा’ की तरह प्रेरणा का स्रोत रही हैं। यह पोस्ट न केवल एक फिल्म के प्रमोशन का जरिया है, बल्कि यह महिलाओं के उस धैर्य और साहस को नमन है जो इतिहास के पन्नों में खो जाते हैं।
फिल्म ‘अल्फा’: वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स में आलिया का नया अवतार
बात करें आलिया भट्ट की फिल्म ‘अल्फा’ की, तो यह फिल्म इस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है। शिव रवैल द्वारा निर्देशित यह फिल्म 3 जुलाई को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने इसे ‘UA 16+’ सर्टिफिकेट दिया है, जिसका अर्थ है कि यह फिल्म वयस्क और किशोर दर्शकों के लिए है। फिल्म की कुल अवधि 140 मिनट यानी 2 घंटे 20 मिनट है। यह फिल्म वाईआरएफ (YRF) स्पाई यूनिवर्स की सातवीं कड़ी है। इससे पहले ‘एक था टाइगर’, ‘टाइगर जिंदा है’, ‘वॉर’, ‘पठान’, ‘टाइगर 3’ और ‘वॉर 2’ इस यूनिवर्स का हिस्सा रही हैं।
‘अल्फा’ में आलिया भट्ट के साथ शरवरी वाघ मुख्य भूमिका में हैं, जबकि बॉबी देओल और अनिल कपूर भी फिल्म में अहम किरदारों में नजर आएंगे। यह फिल्म इस स्पाई यूनिवर्स की पहली ऐसी फिल्म है जिसमें आलिया भट्ट एक महिला जासूस (female spy) के तौर पर दिखाई देंगी। आलिया के लिए यह उनका पहला पूर्ण एक्शन-पैक किरदार है, जिसे देखने के लिए उनके प्रशंसक बेहद बेताब हैं।
पारिवारिक परंपरा और सिनेमा का संगम
सोनी राजदान का यह पोस्ट एक तरफ जहां परिवार के प्रति उनके प्रेम और सम्मान को दर्शाता है, वहीं दूसरी तरफ यह एक महिला के जीवन में ‘अल्फा’ होने के वास्तविक अर्थ को भी स्पष्ट करता है। आलिया भट्ट अपनी दादी की विरासत को अपने साहस और काम के जरिए आगे बढ़ा रही हैं। सिनेमा के इस बड़े प्रोजेक्ट ‘अल्फा’ के साथ, आलिया न केवल एक जासूस की भूमिका निभा रही हैं, बल्कि वे उन तमाम महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल बन रही हैं जो किसी भी कठिन परिस्थिति में झुकना नहीं जानतीं।
सोनी राजदान द्वारा साझा की गई यह चार पीढ़ियों की तस्वीर एक खूबसूरत संदेश देती है—कि साहस और वीरता केवल फिल्मों की कहानियों में नहीं होती, बल्कि हमारे परिवारों की नींव में भी होती है। जिस तरह उनकी मां ने इतिहास की सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना किया, उसी तरह आज की महिलाएं अपनी शर्तों पर अपना रास्ता बना रही हैं। यह फिल्म और यह पोस्ट दोनों ही नारी शक्ति (women empowerment) के जश्न के रूप में देखे जा रहे हैं, जो दर्शकों को न केवल मनोरंजन देंगे बल्कि एक मजबूत संदेश भी छोड़ेंगे।