साल 2026 में अक्षय तृतीया 20 अप्रैल को मनाई जाएगी। जानें इस दिन का महत्व, पूजा का शुभ मुहूर्त और क्यों इस दिन दान और खरीदारी करना माना जाता है बेहद खास।
हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का दिन अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है। इसे ‘अखा तीज’ भी कहते हैं। इस दिन किए गए दान, स्नान और खरीदारी का फल कभी समाप्त नहीं होता, इसीलिए इसे ‘अक्षय’ कहा जाता है।
वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और इसके महत्व के बारे में यहाँ विस्तार से जानकारी दी गई है:
अक्षय तृतीया 2026 की तिथि (Date)
हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह पर्व 20 अप्रैल, सोमवार को मनाया जाएगा।
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timing)
- तृतीया तिथि प्रारंभ: 19 अप्रैल 2026 को रात के समय।
- तृतीया तिथि समाप्त: 20 अप्रैल 2026 को पूरे दिन और रात तक।
- पूजा का सबसे शुभ समय: 20 अप्रैल की सुबह 05:45 से दोपहर 12:20 तक।
अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुई थीं:
- भगवान परशुराम का जन्म: अक्षय तृतीया को भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है।
- गंगा अवतरण: माना जाता है कि इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं।
- सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ: पौराणिक कथाओं के अनुसार, इन दोनों युगों की शुरुआत इसी तिथि से हुई थी।
- बद्रीनाथ के कपाट: प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बद्रीनाथ धाम के कपाट भी इसी दिन खोले जाते हैं।
इस दिन क्या करें? (What to do)
- सोना खरीदना: इस दिन सोना या चांदी खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में बरकत बनी रहती है।
- दान-पुण्य: जल से भरे घड़े, पंखे, छाता, सत्तू और फल दान करना बहुत लाभकारी होता है।
- नया कार्य प्रारंभ: यह एक ‘अबूझ मुहूर्त’ है, यानी इस दिन बिना पंचांग देखे विवाह, गृह प्रवेश या नया व्यापार शुरू किया जा सकता है।
- महालक्ष्मी पूजा: सुख-समृद्धि के लिए इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करनी चाहिए।