मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद थानों के बाहर से हटेंगे कबाड़ वाहन, अतिक्रमण पर कार्रवाई शुरू

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद थानों के बाहर से हटेंगे कबाड़ वाहन, अतिक्रमण पर कार्रवाई शुरू

यूपी के थानों के बाहर सालों से खड़ी कबाड़ गाड़ियों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताई नाराजगी, दिए जल्द हटाने के निर्देश। अब होगी अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई।

यूपी के विभिन्न जिलों के थानों के बाहर सालों से खड़ी कबाड़ गाड़ियां अब हटाई जाएंगी। गोरखपुर से लेकर लखनऊ और गाजियाबाद तक, सैकड़ों पुलिस थानों के बाहर खड़े ये कंडम वाहन न केवल अतिक्रमण फैला रहे हैं, बल्कि ट्रैफिक जाम और सुरक्षा व्यवस्था में भी बाधा बन रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताई नाराजगी

मंगलवार, 17 जून की शाम जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फ्लीट राप्तीनगर की ओर बढ़ रही थी, तो गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र से गुजरते हुए उनकी नजर सड़क किनारे खड़े कबाड़ ट्रकों पर पड़ी। उन्होंने तुरंत नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई और सख्त निर्देश जारी किए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “जब पुलिस ही सड़क किनारे अतिक्रमण करेगी तो आम जनता से क्या उम्मीद की जा सकती है?” उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द थानों के बाहर से कंडम हो चुके वाहनों को हटाया जाए।

गाड़ियों को हटाने के लिए यार्ड की व्यवस्था

वर्षों से लंबित कोर्ट केस और नीलामी प्रक्रिया में देरी के कारण ये वाहन थानों के आसपास यूं ही खड़े रह जाते हैं और कबाड़ में तब्दील हो जाते हैं। कई वाहनों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वे पूरी तरह मिट्टी में धंस चुके हैं। अब प्रशासन ने शहर से बाहर पुलिस विभाग को गाड़ियों के लिए नया यार्ड अलॉट कर दिया है ताकि कबाड़ हो चुके वाहनों को वहां शिफ्ट किया जा सके।

लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर समेत कई जिलों में स्थिति गंभीर

  • लखनऊ के पुराने थाना क्षेत्रों में भी सड़क किनारे खड़े वाहन आए दिन ट्रैफिक जाम का कारण बनते हैं।

  • गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ और वाराणसी जैसे शहरों में भी थानों के बाहर यही हालात हैं।

  • पुलिस विभाग का तर्क है कि पर्याप्त स्पेस न होने और लंबित कानूनी प्रक्रिया की वजह से ये गाड़ियां हटाई नहीं जा सकीं।

अब होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद अब जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। वाहनों के निस्तारण के लिए जगह चिन्हित की जा रही है और जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मुद्दे पर मीडिया से बात करने से फिलहाल इनकार किया है।

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