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जामनगर में बुजुर्ग आहीर दंपति के आशियाने पर चले म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के बुल्डोजर पर AAP प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी भड़क उठे हैं। उन्होंने भाजपा सरकार को ‘देसी अंग्रेज’ बताते हुए इस्तीफे की मांग की है।
‘देसी अंग्रेजों की तरह काम कर रहा है तंत्र’: जामनगर में बुजुर्ग आहीर दंपति के घर पर डिमोलिशन को लेकर भाजपा सरकार पर बरसे AAP अध्यक्ष इसुदान गढ़वी
जामनगर/अहमदाबाद:
गुजरात के जामनगर में महानगरपालिका (जामनगर मनपा) द्वारा एक बुजुर्ग आहीर दंपति के मकान पर की गई डिमोलिशन (ध्वस्तीकरण) की कार्रवाई को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने इस कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर गढ़वी ने इस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए कहा कि गरीबों और वंचितों को सुरक्षा देने की जगह सरकारी तंत्र उन पर अत्याचार करने के लिए टूट पड़ा है।
काठियावाड़ में ‘आश्रय आहीर का’ परंपरा, लेकिन भाजपा ने छीनी छत: इसुदान गढ़वी
સરકારને જરાય શરમ નહીં આવી હોય એક વૃદ્ધ મહિલાને ભર તડકામાં ટીંગાટોળી કરીને લઈ જતા?@isudan_gadhvi pic.twitter.com/VLyhMmxJEf
— AAP Gujarat (@AAPGujarat) May 15, 2026
सौराष्ट्र और काठियावाड़ की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का हवाला देते हुए इसुदान गढ़वी ने कहा, “हमारी लोक परंपराओं में सदियों से एक कहावत बेहद प्रचलित है—‘चतुराई चारण की, रीति राजपूत की, आश्रय आहीर का’। आहीर समाज को हमेशा से दूसरों को आश्रय देने वाले, शरण देने वाले एक गौरवशाली समाज के रूप में जाना जाता रहा है। अंग्रेजों के दमनकारी शासन व्यवस्था में भी ये मानवीय परंपराएं जीवित थीं। अगर कोई मुसाफिर रात के समय आहीर समाज के दरवाजे पहुंचता था, तो उसे बिना किसी भेदभाव के खाने-रहने और रात बिताने की उत्तम व्यवस्था मिलती थी।”
गढ़वी ने भावुक और आक्रामक लहजे में आगे कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि आज जामनगर में उसी आहीर समाज के एक वृद्ध दंपति को, जो वर्षों से वहां शांतिपूर्वक रह रहे थे, भाजपा शासित निगम तंत्र द्वारा जबरन हटाया जा रहा है। जैसे ही जामनगर में भाजपा की महानगरपालिका चुनी गई, इन्होंने फिर से डिमोलिशन की आड़ में गरीबों को उजाड़ना शुरू कर दिया।”
‘उद्योगपतियों को हजारों एकड़ कौड़ियों के भाव, गरीबों के लिए घर क्यों नहीं?’
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार की आर्थिक और सामाजिक नीतियों को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखा सवाल दागा। उन्होंने कहा, “जब इस सरकार द्वारा बड़े-बड़े उद्योगपतियों और कॉरपोरेट्स को हजारों एकड़ जमीन बेहद सस्ते दामों और कौड़ियों के भाव सौंप दी जाती है, तो समाज के इन गरीब और शोषित लोगों को रहने के लिए एक छोटा सा मकान क्यों नहीं दिया जा सकता? अगर सरकार अपने नागरिकों को सिर छिपाने के लिए एक छत भी मुहैया नहीं करा सकती, तो ऐसी निकम्मी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, उसे तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।”
वृद्ध महिला को घसीटने वाली पुलिसिया कार्रवाई पर जताया रोष
सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में आ रहे दृश्यों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसुदान गढ़वी ने कहा, “जिस समाज ने भाजपा को आंख मूंदकर मजबूती से वोट दिया, आज बदले में उन्हें क्या मिल रहा है, यह पूरा गुजरात देख रहा है। जामनगर में एक वृद्ध महिला को पुलिस द्वारा बेरहमी से घसीटकर ले जाया गया। यह दृश्य देखकर किसी भी संवेदनशील व्यक्ति का सिर शर्म से झुक जाएगा। आज की पुलिस, कॉरपोरेशन और प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से अंग्रेजी मानसिकता से ग्रस्त होकर काम कर रहे हैं और सरकारी शक्ति का नग्न प्रदर्शन केवल असहाय गरीबों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है।”
‘देसी अंग्रेजों’ के खिलाफ जनता को अब जागने की जरूरत: AAP
इसुदान गढ़वी ने मांग की कि यदि किसी अपरिहार्य कारण से डिमोलिशन करना ही था, तो प्रशासन को सबसे पहले उस बुजुर्ग दंपति के रहने के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करनी चाहिए थी। इस भीषण गर्मी में बिना किसी ठिकाने के उन्हें सड़क पर छोड़ देना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गुजरात की जनता से सीधे अपील करते हुए ‘आप’ नेता ने कहा, “यह सिर्फ जामनगर की एक अकेली घटना नहीं है। यह पूरे तंत्र का क्रूर चेहरा है। अब आम लोगों को जागने की जरूरत है। सत्ता पक्ष द्वारा जनता को केवल जाति और धर्म के नाम पर भटकाया जा रहा है और पीठ पीछे उनके अधिकारों को कुचला जा रहा है। अब समय आ गया है कि लोग एकजुट होकर ‘जनता की अपनी सरकार’ बनाएं, अन्यथा ये ‘देसी अंग्रेज’ आम इंसानों को चैन से जीने नहीं देंगे।”