ट्रैविस हेड की पत्नी और श्रेयस अय्यर की बहन को ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। आकाश चोपड़ा ने क्रिकेट फैंस के इस व्यवहार की कड़ी निंदा की।
क्रिकेट का खेल मैदान पर जज्बे और खेल भावना का प्रतीक माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर ‘फैन वॉर’ के नाम पर जो गंदगी फैली है, उसने इस खेल की गरिमा को तार-तार कर दिया है। हाल ही में आईपीएल 2026 के दौरान खिलाड़ियों के परिवारों को निशाना बनाने की घटनाओं ने पूरे खेल जगत को झकझोर कर रख दिया है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने इस प्रवृत्ति की कड़ी निंदा की है और ऐसे लोगों को “स्कंबैग्स” (नीच) करार दिया है।
आकाश चोपड़ा की नाराजगी: “फैन होने का मतलब बदतमीजी नहीं”
आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों के परिवारों के खिलाफ हो रही अभद्र भाषा पर अपना गुस्सा जाहिर किया। बिना किसी का नाम लिए, उन्होंने उन तथाकथित प्रशंसकों को आड़े हाथों लिया जो अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की आलोचना बर्दाश्त नहीं कर पाते। चोपड़ा का मानना है कि खेल के प्रति जुनून होना एक बात है, लेकिन किसी खिलाड़ी के खराब प्रदर्शन पर उसके परिवार, पत्नी या बहनों को अभद्र संदेश भेजना मानसिक दिवालियापन और निम्न स्तर की मानसिकता को दर्शाता है।
विराट कोहली-ट्रैविस हेड विवाद और उसके बाद की गंदगी
यह पूरा विवाद आईपीएल 2026 के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच हुए मैच के बाद शुरू हुआ। मैच के दौरान विराट कोहली और ट्रैविस हेड के बीच मैदान पर तीखी बहस हुई थी। विवाद तब और गहरा गया जब मैच के बाद कोहली ने हेड के साथ हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया और इसके बाद हेड की पत्नी जेसिका को ट्रोलर्स के निशाने पर ले लिया गया।
जेसिका ने इस घटना को साल 2025 के विश्व कप के बाद हुई ऑनलाइन अब्यूज (गाली-गलौज) की पुनरावृत्ति बताया। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “जब मैं सोकर उठी, तो मेरे सोशल मीडिया पर अभद्र संदेशों की भरमार थी। हम ठीक हैं, लेकिन वे मेरे दोस्तों और परिवार को भी नहीं बख्श रहे हैं।” जेसिका ने खेल जगत में मानसिक स्वास्थ्य और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि खेल में जुनून होना चाहिए, लेकिन अंततः ये खिलाड़ी और उनके परिवार भी सामान्य इंसान ही हैं।
श्रेयस अय्यर की बहन श्रेस्ता का ट्रोलर्स को करारा जवाब
केवल विदेशी खिलाड़ी ही नहीं, भारतीय खिलाड़ियों के परिवार भी इस ‘डिजिटल गुंडागर्दी’ का शिकार हो रहे हैं। श्रेयस अय्यर की बहन श्रेस्ता अय्यर ने भी हाल ही में ऑनलाइन ट्रोलिंग के खिलाफ आवाज उठाई। पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच हुए एक बारिश से प्रभावित मैच के बाद, सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट को लेकर उन्हें निशाना बनाया गया। श्रेस्ता ने भी ट्रोलर्स को करारा जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि वे इस तरह की ओछी हरकतों से डरने वाली नहीं हैं।
खेल और फैंस का बदलता स्वरूप: एक गंभीर चिंता
यह प्रवृत्ति न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह खेल के माहौल को भी विषाक्त बना रही है। जब प्रशंसक किसी खिलाड़ी की हार या जीत को ‘जीवन-मरण’ का प्रश्न बना लेते हैं, तो वे अपनी नैतिकता खो बैठते हैं। यह एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा करता है—क्या हम एक ऐसे समाज की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ असहमति को केवल गाली-गलौज से ही व्यक्त किया जा सकता है?
आकाश चोपड़ा जैसे दिग्गजों का आगे आना यह बताता है कि अब इस मामले पर चुप्पी साधना खतरनाक हो सकता है। यह केवल एक खिलाड़ी या एक परिवार की बात नहीं है, बल्कि यह पूरे खेल समुदाय की साख का सवाल है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपनी नीतियों को सख्त करना होगा।
मानवीय पहलू को याद रखना जरूरी
क्रिकेट के मैदान पर प्रतिद्वंद्विता हमेशा से रही है और रहेगी, लेकिन यह प्रतिद्वंद्विता मैदान की सीमाओं तक ही सीमित रहनी चाहिए। जेसिका हेड की वह बात याद रखने योग्य है कि “खेल के पीछे असली लोग और परिवार होते हैं।” प्रशंसकों को यह समझने की जरूरत है कि किसी खिलाड़ी की आलोचना करना और उसके निजी जीवन पर हमला करना दो अलग बातें हैं।
यदि हम खेल का असली आनंद लेना चाहते हैं, तो हमें अपनी सीमाओं का सम्मान करना सीखना होगा। उम्मीद है कि आकाश चोपड़ा की इस तीखी प्रतिक्रिया के बाद कम से कम कुछ फैंस को अपनी गलतियों का अहसास होगा और वे सोशल मीडिया पर एक स्वस्थ और सम्मानजनक माहौल बनाने का प्रयास करेंगे। खेल सिर्फ स्कोरबोर्ड नहीं है, यह एक संस्कृति है, और उस संस्कृति को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।