संस्कृत शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में चयन बैठक, 7 अगस्त को होगा राज्य स्तरीय संस्कृत विद्वत सम्मान समारोह

संस्कृत शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में चयन बैठक, 7 अगस्त को होगा राज्य स्तरीय संस्कृत विद्वत सम्मान समारोह

संस्कृत शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय संस्कृत विद्वत सम्मान के विजेताओं का चयन, 7 अगस्त को होगा सम्मान समारोह। कैलाश चंद्र मूंदड़ा को मिलेगा प्रमुख संस्कृत साधना शिखर सम्मान।

संस्कृत शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित बैठक में आगामी राज्य स्तरीय संस्कृत विद्वत सम्मान समारोह के लिए पुरस्कार विजेताओं के नाम अंतिम रूप दिए गए। यह सम्मान समारोह 7 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।

इस वर्ष के प्रमुख सम्मान और विजेता

इस बार संस्कृत साधना शिखर सम्मान के लिए चित्तौड़गढ़ के प्रतिष्ठित विद्वान श्री कैलाश चंद्र मूंदड़ा को चयनित किया गया है। उन्हें इस सम्मान के तहत 1 लाख रुपये की राशि, प्रशस्ति पत्र और शॉल प्रदान की जाएगी।

अन्य पुरस्कार और सम्मानित विद्वान

संस्कृत साधना सम्मान (₹51,000 प्रत्येक):

    • प्रो. वाई.एस. रमेश (जयपुर)

    • प्रो. डॉ. मूलचंद (चूरु)

संस्कृत विद्वत सम्मान (₹31,000 प्रत्येक):

    • डॉ. भगवतीलाल सुखवाल (उदयपुर)

    • डॉ. नाथूलाल सुमन (जयपुर)

    • डॉ. लता श्रीमाली (जयपुर)

    • चंद्रशेखर शर्मा (टोंक)

    • मनीषी लालस (जयपुर)

    • डॉ. कौशल तिवारी (बारां)

    • डॉ. फिरोज (जयपुर)

संस्कृत युवा प्रतिभा सम्मान (₹21,000 प्रत्येक):

कुल 11 युवा विद्वानों को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें डॉ. प्रियंका खंडेलवाल (बारां), नाथू सिंह मीणा (जयपुर), मूलचंद महावार (सवाई माधोपुर), डॉ. कानाराम जाट (जयपुर), डॉ. पंकज मरमठ (उदयपुर), डॉ. श्याम सुंदर पारीक (टोंक), डॉ. रतन सिंह शेखावत (झुंझुनूं), डॉ. आराधना व्यास (जयपुर), अग्निमित्र शास्त्री (कोटा), स्वामी राजेंद्र पुरी (जोधपुर) और डॉ. पंकज शर्मा (जयपुर) शामिल हैं।

मंत्रालयिक सेवा सम्मान (₹11,000 प्रत्येक):

    • चंद्रशेखर पारीक (जयपुर)

    • शैलेंद्र पाटीदार (उदयपुर)

समिति के सदस्य और बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में विधायक गोपाल शर्मा, संयुक्त शासन सचिव कैलाश चंद्र यादव, संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. ज्योत्स्ना वशिष्ठ, डॉ. विनोद कुमार शर्मा, प्राचार्य हजारीलाल बैरवा, प्रो. शालिनी सक्सेना, संयुक्त निदेशक डॉ. जितेंद्र अग्रवाल और आयुक्त प्रियंका जोधावत मौजूद रहे।

कैलाश चंद्र मूंदड़ा का परिचय

चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध संस्कृत विद्वान कैलाश चंद्र मूंदड़ा ने वर्ष 2002 में श्री कल्लाजी वेदपीठ एवं शोध संस्थान की स्थापना की थी और 2018 में श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय की स्थापना की। वे भारतीय संस्कृति और वेद-निष्ठा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। इसके साथ ही, वे अपनी गौशाला में 400 गौवंश की सेवा भी करते हैं। उन्हें 2025 में विद्वत रत्न सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।

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