उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के पूर्व सैनिकों, दिव्यांग नागरिकों और महिलाओं के लिए स्टाम्प ड्यूटी में राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यह नई नीति लागू की गई है, जिसके तहत अब इन वर्गों को 1 करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 1% की छूट मिलेगी। इससे पहले यह छूट केवल महिलाओं को 10 लाख रुपये तक की संपत्ति पर और अधिकतम 10,000 रुपये तक ही मिलती थी।
इस फैसले से पूर्व सैनिक, दिव्यांग नागरिक और महिलाएं आर्थिक लाभ प्राप्त करेंगे, जिससे संपत्ति खरीदना और भी आसान होगा। यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार की जनहितैषी नीतियों और प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डिजिटल पंजीकरण और ई-भुगतान में वृद्धि
राज्य सरकार ने नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल पंजीकरण प्रणाली को और सशक्त बनाया है। अब 20,000 रुपये से अधिक के रजिस्ट्रेशन शुल्क का भुगतान ई-भुगतान के माध्यम से करना अनिवार्य होगा। आधार प्रमाणीकरण के जरिए धोखाधड़ी को रोका जाएगा। साथ ही, विकास प्राधिकरणों के आवंटित भूमि के लिए एकल-खिड़की ई-पंजीकरण प्रणाली शुरू की जाएगी, जिससे प्रक्रिया और भी सरल, तेज और पारदर्शी होगी।
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रिक्त पदों की भराई और स्टाम्प बिक्री में सुधार
योगी सरकार ने प्रशासनिक सुधारों को और मजबूत करते हुए रिक्त पदों को जल्द भरने, स्टाम्प बिक्री के नए विकल्प खोजने और विक्रेताओं के कमीशन को युक्तिसंगत बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, 10 साल तक के किराये के लीज़ एग्रीमेंट पर स्टाम्प और पंजीकरण शुल्क माफ करने की भी घोषणा की गई है, जिससे किराएदार और मकान मालिक दोनों को फायदा होगा।
डिजिटलीकरण और सुरक्षा में बढ़ोतरी
स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग ने डिजिटल प्रगति के तहत 2002 से 2017 तक के 99% विलेख डिजिटलीकृत कर दिए हैं। वर्तमान में 98% से अधिक रजिस्ट्रेशन ई-स्टाम्प के जरिए हो रहे हैं। सभी जिलों में मूल्यांकन सूचियों का संशोधन किया गया है और उप-पंजीयक कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।
यह नई पहल उत्तर प्रदेश में सरकारी प्रक्रियाओं को आसान, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे राज्य के नागरिकों को बेहतर सुविधा और राहत मिलेगी।