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How To Prevent Heatstroke: गर्मियों में लू लगना कोई बड़ी बात नहीं है। हीट स्ट्रोक तब होता है जब आप धूप में लंबे समय तक अधिक तापमान में रहते हैं या काम करते हैं, तो आप लू से बचने के लिए तैयार हो जाइए।
How To Prevent Heatstroke: अब गर्मी है तापमान अप्रैल के मध्य से 38 डिग्री तक पहुंच गया है और अगले महीने और भी गर्म रहेगा। गर्म हवाओं में घर से बाहर निकलना कुछ कठिन होगा। ऐसे में, घर से बाहर काम करने वाले लोगों को लू लगने या हीट स्ट्रोक जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए, जो लोग हर दिन घर से बाहर निकलते हैं, विशेष रूप से अपनी गर्मी पर ध्यान देना चाहिए। हीट स्ट्रोक क्या है, इससे बचने के उपाय क्या हैं और हमें क्या खाना चाहिए?
हीट स्ट्रोक
सामान्य भाषा में, हीट स्ट्रोक या सन स्ट्रोक को लू लगना कहते हैं। गर्मियों में लू लगना बहुत छोटा नहीं है। हीट स्ट्रोक होता है जब आप धूप में लंबे समय तक अधिक तापमान में रहते हैं या काम करते हैं और आपका शरीर अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता है। लू लगने पर शरीर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है और पसीना आना बंद हो जाता है, जिससे शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकलती।
आपके शरीर में नमक और पानी की कमी होती है। आपके शरीर में पानी की कमी होती है, जिससे आपको बेहोशी की शिकायत हो सकती है। हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान 105°F से अधिक होता है, जो शरीर के केंद्रीय नर्व तंत्र को प्रभावित करता है। यह जानलेवा भी हो सकता है अगर समय रहते इसका इलाज नहीं किया जाता है।
लू लगने के कुछ संकेत हैं:
- कब्ज और मतली
- मिचलाना
- बुखार
- लूज मोशन
- त्वचा का गर्म या सूखना
- त्वचा का लाल होना
- डिमेंशिया
- सिरदर्द या घबराहट
- मांसपेशियों का दर्द
- बेहोश
- धड़कन अधिक तेज होना
लू लगने के कारण क्या है?
ज्यादा गर्म स्थान पर लंबे समय तक रहना या काम करना लू लगने या हीट स्ट्रोक का कारण बन सकता है। हीट स्ट्रोक के प्रमुख कारणों में से कुछ धुप के साथ गर्म हवाओं में ज्यादा शारीरिक गतिविधि करना, डिहाइड्रेट रहना, कैफीन और अल्कोहल का बहुत ज्यादा सेवन करना और अधिक मात्रा में पानी पीना शामिल हैं।
लू से बचने के क्या उपाय हैं?
- हीट स्ट्रोक से बचने के लिए तेज धूप और उच्च तापमान से बचना बहुत महत्वपूर्ण है। लू से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय लागू करें
- जितनी अधिक संभव हो सके धूप से बचने की कोशिश करें।
- यदि आवश्यक हो तो धूप में छाता लेकर बाहर निकलें।
- अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें। जैसे पानी, जूस आदि
- हल्के रंगों और ढीले कपड़े पहनें।
- कैफीन और शराब से दूर रहने की कोशिश करें।
- शरीर को पर्याप्त हाइड्रेटेड रखें।
- धुप में निकलने से पहले सनस्क्रीन, धूप के चश्में, चौड़ी टोपी आदि पहनें।
लू लगने पर क्या करना चाहिए?
- हीट स्ट्रोक होने पर पीड़ित को ठंडी जगह पर ले जाएं।
- चिकित्सा सहायता के लिए तुरंत संपर्क करें।
- पीड़ित व्यक्ति को भारी-भरकम कपड़े बदलने के लिए कहें।
- पीड़ित व्यक्ति को पंखे से हवा देने की कोशिश करें।
- ठंडे पानी से उसका शरीर धोएं।
- जब मरीज होश में हो तो उसे तरल भोजन दें। जैसे नींबू-पानी या जूस
- तत्काल चिकित्सा आने तक पेशेंट की सांस लेने की प्रक्रिया और हार्ट-बीट की निगरानी में रहें।
लू लगने पर क्या करें?
- लू लगने पर क्या खाना चाहिए? लू से बचने के लिए आम पन्ना, नींबू-पानी, टमाटर, तरबूज, खीरा-ककड़ी और अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन करें। इसमें अधिक पानी है।
- लू से बचने और स्वस्थ रहने के लिए छाछ-लस्सी का भी सेवन कर सकते हैं। इससे हीट स्ट्रोक से बच सकेंगे।
- अचानक गर्मी से ठंडी या ठंड से गर्म जगह पर जाने से बचें, क्योंकि इससे शरीर का तापमान अचानक गिर सकता है, जो आपकी सेहत को खराब कर सकता है।
- प्याज को लू से बचने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।प्याज को भून कर या कच्चा भी खा सकते हैं। प्याज और नींबू का रस आपको लू से बचाता है।
- नारियल पानी आपके शरीर को बहुत फायदेमंद है। यह आपके शरीर में प्राकृतिक रूप से संतुलित इलेक्ट्रोलाइट को बनाए रखता है, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है।
- बच्चे बार-बार पानी पीते रहें।
- गर्मी के दिनों में ठंडी तासीर वाली चीजों (जैसे सेब का सिरका, बेल का शरबत, चंदनासव) का अधिक सेवन करें।
- गर्मी में अपना अच्छे से ध्यान रखें; ज्यादा गर्मी में बाहर नहीं निकलें और ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन न करें; अगर संभव हो तो धूप में छाता पहनकर निकलें; और अगर संभव हो तो शाम को बाहर निकलें. तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
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