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दिल्ली में DTC बस हड़ताल को लेकर AAP नेता कुलदीप कुमार ने BJP सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों, DA और यात्रियों की परेशानी का मुद्दा उठाया।
दिल्ली में DTC बस चालकों और परिचालकों की हड़ताल को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने BJP सरकार पर निशाना साधा है। AAP विधायक कुलदीप कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की मांगों पर तत्काल ध्यान देने की मांग की।
कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि DTC कर्मचारियों की हड़ताल के कारण दिल्ली के आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बस सेवा बाधित होने से रोजाना सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहने वाले लोगों के सामने आने-जाने की समस्या खड़ी हो गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, सितंबर में DTC के संविदा चालकों की हड़ताल के कारण दिल्ली के कई हिस्सों में बस सेवाएं प्रभावित हुईं और यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ा।
कर्मचारियों की मांगों को लेकर AAP का सवाल
कुलदीप कुमार ने अपने बयान में दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री के उस रुख पर सवाल उठाया, जिसमें संविदा चालकों को DTC के सीधे कर्मचारी नहीं बताया गया है। उनका कहना है कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं से दूरी बनाने के बजाय उनकी मांगों पर बातचीत करनी चाहिए।
रिपोर्टों के अनुसार, हड़ताल कर रहे DTC चालक और परिचालक वेतन बढ़ाने, चिकित्सा सुविधा, बोनस, सरकारी छुट्टियों के भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सेवा लाभों की मांग कर रहे हैं। चालकों ने मौजूदा दैनिक भुगतान को लेकर भी असंतोष जताया है।
DTC बस हड़ताल से यात्रियों को परेशानी
पूरी दिल्ली में हाहाकार है लेकिन दिल्ली की मुख्यमंत्री दिल्ली से फरार है। बसों की हड़ताल से दिल्ली की गरीब जनता त्राहि त्राहि कर रही है।
सरकार की गंभीरता इसी बात से पता चलती है कि हड़ताल करने वालों की मांगें सुनने की बजाय दिल्ली के परिवहन मंत्री कहते हैं कि DTC के ये लोग हमारे… pic.twitter.com/2Qr0f89UhF
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 20, 2026
हड़ताल का असर दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर व्यापक रूप से पड़ा। कई डिपो से बसें नहीं निकलने के कारण यात्रियों को बस स्टॉप पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने मेट्रो, ऑटो, ई-रिक्शा और कैब का सहारा लिया। रिपोर्टों में बताया गया कि यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने अतिरिक्त सेवाएं भी संचालित कीं।
19 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, DTC ने सेवाओं को सामान्य करने के लिए 2,693 संविदा चालकों को अलग-अलग डिपो में अस्थायी रूप से तैनात करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बावजूद कई मार्गों पर बसों की कमी और यात्रियों को इंतजार की समस्या बनी हुई थी।
DA और कर्मचारियों के मुद्दे का भी जिक्र
कुलदीप कुमार ने अपने बयान में DTC कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) से जुड़े मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पिछली AAP सरकार के कार्यकाल में DA बढ़ाने से संबंधित आदेश पारित किया गया था, लेकिन बाद में अधिकारियों के स्तर पर इसे रोक दिया गया। उन्होंने BJP सरकार से कम से कम इस मुद्दे पर कार्रवाई करने की मांग की।
हालांकि, DA से जुड़े इस दावे को लेकर अलग से आधिकारिक दस्तावेज या सरकारी आदेश की पुष्टि जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों में मौजूदा हड़ताल के प्रमुख मुद्दों में दैनिक वेतन बढ़ोतरी, मेडिकल सुविधा, बोनस, छुट्टियों का भुगतान और सामाजिक सुरक्षा जैसी मांगों का उल्लेख है।
परिवहन मंत्री ने समाधान का दिया भरोसा
DTC हड़ताल के दौरान दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, मंत्री ने कहा कि अधिकांश मांगों पर सहमति बन चुकी है और वेतन बढ़ोतरी से जुड़े मुद्दे पर श्रम विभाग के साथ चर्चा की जा रही है। वहीं, प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की यूनियन ने ठोस समाधान होने तक हड़ताल जारी रखने की बात कही थी।
कुलदीप कुमार ने इसी पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। उनका सवाल है कि जब DTC बस सेवा दिल्ली के लाखों यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है, तो कर्मचारियों की मांगों और यात्रियों की परेशानी का समाधान जल्द क्यों नहीं किया जा रहा। AAP ने सरकार से हड़ताल खत्म कराने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सामान्य करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।