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समय रैना की सफलता की कहानी: कॉमेडी, शतरंज और ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के जरिए कैसे बने डिजिटल स्टार। जानें उनके करियर का पूरा सफर।
महज एक साल पहले, समय रैना उस शो के अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे जिसने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई थी। आज, ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ (India’s Got Latent) का दूसरा सीजन नेटफ्लिक्स और यूट्यूब दोनों पर धूम मचा रहा है। यह वापसी एक ऐसे कलाकार के करियर का मील का पत्थर है, जिसने पुणे के इंजीनियरिंग क्लासरूम से निकलकर खुद को भारत के सबसे प्रभावशाली डिजिटल क्रिएटर्स में से एक के रूप में स्थापित किया है। समय की यह सफलता केवल रातों-रात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे स्टैंड-अप कॉमेडी, शतरंज की दुनिया और बार-बार खुद को बदलने (reinvention) की एक लंबी कहानी है।
जम्मू से ‘कॉमिकस्तान’ तक का सफर
कश्मीरी पंडित परिवार में जन्मे समय रैना का बचपन जम्मू में बीता, जिसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए पुणे चले गए। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव स्टैंड-अप कॉमेडी की ओर होने लगा। कई अन्य कॉमेडियनों की तरह, उन्होंने भी सालों तक ओपन-माइक्स और छोटी जगहों पर परफॉर्म करके अपने हुनर को निखारा। 2019 में ‘कॉमिकस्तान सीजन 2’ जीतकर उन्होंने पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई। उस समय ऐसा लग रहा था कि समय एक पारंपरिक स्टैंड-अप कॉमेडियन के रूप में अपनी राह चुन लेंगे, लेकिन कोविड-19 महामारी ने उनकी पूरी दिशा ही बदल दी।
महामारी और शतरंज का अनूठा प्रयोग
जब लॉकडाउन के दौरान लाइव कॉमेडी के सभी दरवाजे बंद हो गए, तो समय ने यूट्यूब का रुख किया और शतरंज की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की। जो एक मामूली प्रयोग के रूप में शुरू हुआ था, वह भारत के सबसे सफल क्रिएटर ‘पिवट’ (pivot) में बदल गया। विश्वनाथन आनंद, मैग्नस कार्लसन और गैरी कास्पारोव जैसे दिग्गजों के साथ जुड़कर, समय ने शतरंज को ऐसे दर्शकों तक पहुँचाया जिन्होंने कभी इस खेल को गंभीरता से नहीं देखा था। ‘चेसबेस इंडिया’ के सागर शाह के साथ मिलकर, उन्होंने शतरंज को युवाओं के लिए मनोरंजक और सुलभ बनाया। उनके ‘कॉमेडियन्स ऑन बोर्ड’ टूर्नामेंट्स ने कॉमेडियन्स और प्रोफेशनल प्लेयर्स को एक मंच पर लाकर लोकप्रियता की नई ऊंचाइयों को छुआ।
‘इंडियाज गॉट लेटेंट’: एक नया फॉर्मेट, एक नई सनसनी
जून 2024 में समय रैना ने यूट्यूब पर ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ लॉन्च किया। यह शो टैलेंट हंट और कॉमेडी रोस्ट का एक अनोखा मिश्रण था। इसका फॉर्मेट काफी दिलचस्प था—प्रतियोगी को मंच पर आने से पहले खुद के प्रदर्शन को एक स्कोर देना होता था, और जजों को उसी स्कोर का अनुमान लगाना होता था। यह शो अपनी अनिश्चितता (unpredictability) के कारण हिट हुआ। इसमें गायक, नर्तक, जादूगर और अजीबोगरीब प्रतिभा वाले लोग शामिल थे, लेकिन शो की असली जान जजों और प्रतियोगियों के बीच की अनस्क्रिप्टेड बातचीत थी। मशहूर हस्तियों और कंटेंट क्रिएटर्स की मौजूदगी ने इसे वायरल बनाने में मदद की। 2025 की शुरुआत तक, यह भारत के सबसे चर्चित क्रिएटर-लीड शो में से एक बन चुका था।
विवाद जिसने शो को मुश्किल में डाल दिया
हर बड़ी सफलता के साथ चुनौतियां भी आती हैं, और इस शो के लिए सबसे बड़ा संकट फरवरी 2025 में आया। रणवीर अल्लाहबादिया (बीयर बाइसेप्स), आशीष चंचलानी, अपूर्व मुखिजा और जसप्रीत सिंह के साथ एक बोनस एपिसोड के दौरान एक ऐसा सवाल पूछा गया जिसने इंटरनेट पर भूचाल ला दिया। रणवीर अल्लाहबादिया ने एक प्रतियोगी से अत्यंत आपत्तिजनक और विवादास्पद सवाल पूछा, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी देखी गई। इस एक घटना ने शो की साख पर सवालिया निशान लगा दिए और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि शो को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
वापसी और भविष्य
विवादों के बावजूद, समय रैना की संयमित वापसी यह दर्शाती है कि उनकी लोकप्रियता केवल एक शो पर निर्भर नहीं है। उन्होंने न केवल अपने शो को दोबारा खड़ा किया, बल्कि नेटफ्लिक्स जैसे बड़े ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर लाकर यह साबित कर दिया कि भारतीय कंटेंट क्रिएटर अब मुख्यधारा के मनोरंजन को चुनौती देने के लिए तैयार हैं। समय रैना की कहानी उन लोगों के लिए एक सीख है जो तकनीक और मनोरंजन के सही तालमेल से खुद को बार-बार नया रूप देना जानते हैं। ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ सीजन 2 की सफलता यह बताती है कि दर्शक हमेशा ऐसी चीजों की ओर आकर्षित होते हैं जो लीक से हटकर और बेबाक हों।