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अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद वैश्विक बाजारों में तेजी। सेंसेक्स 1,144 अंक और निफ्टी 351 अंक उछला। जानें बाजार में आई इस ऐतिहासिक तेजी का कारण।
सोमवार, 15 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक स्तर पर आए सकारात्मक बदलावों का जोरदार स्वागत किया। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते (Peace Deal) के ढांचे पर सहमति और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के फैसले ने दुनिया भर के निवेशकों में नया उत्साह भर दिया है। इस भू-राजनीतिक सफलता के बाद भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों में बड़ी खरीदारी देखी गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 1,144 अंक यानी 1.51 प्रतिशत की छलांग लगाकर 76,672.09 के स्तर पर पहुँच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 सूचकांक भी 351.35 अंकों की तेजी के साथ 23,974.25 के स्तर को पार कर गया।
शांति समझौते और तेल कीमतों में नरमी का प्रभाव
बाजार में इस सकारात्मकता का मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ शांति समझौते के ढांचे की घोषणा और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने का निर्णय है। मध्य-पूर्व में तनाव कम होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Global Energy Supply Chain) के बाधित होने का डर खत्म हो गया है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा। अमेरिकी कच्चे तेल के दाम 4.3 प्रतिशत गिरकर 81.23 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए। भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल कीमतों में यह गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मुद्रास्फीति के दबाव को कम करने और आयात बिल को घटाने में काफी मददगार साबित होगी।
चौतरफा खरीदारी और व्यापक बाजार का प्रदर्शन
यह रैली केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप सभी सेगमेंट में व्यापक भागीदारी दिखी। व्यापक बाजार सूचकांकों की बात करें तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.80 प्रतिशत, निफ्टी मिडकैप 100 में 1.48 प्रतिशत और निफ्टी 500 में 1.58 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। बाजार में बढ़ती इस भागीदारी का प्रमाण निफ्टी टोटल मार्केट इंडेक्स में हुई 1.59 प्रतिशत की बढ़त से मिलता है। साथ ही, बाजार की घबराहट को दर्शाने वाला ‘इंडिया VIX’ भी 0.91 प्रतिशत घटकर 14.58 पर आ गया, जो निवेशकों के बीच बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है।
वित्तीय शेयरों की अगुवाई में सेक्टरों का शानदार प्रदर्शन
बाजार की इस तेजी में वित्तीय शेयरों (Financial Stocks) ने नेतृत्व किया। ‘निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज’ इंडेक्स 1.90 प्रतिशत और ‘निफ्टी बैंक’ 1.61 प्रतिशत चढ़कर 57,728 के स्तर पर पहुंच गया। ‘निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज एक्स-बैंक’ इंडेक्स 2.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ शुरुआती सत्र में शीर्ष प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। इसके अलावा, रियल एस्टेट (+2.23%), तेल और गैस (+2.06%) और ऑटोमोबाइल (+1.83%) क्षेत्रों में भी जोरदार खरीदारी देखी गई। सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में इंडसइंड बैंक सबसे आगे रहा, जिसमें 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस और लार्सन एंड टुब्रो जैसे दिग्गज शेयरों ने भी 2.5 प्रतिशत से 3.2 प्रतिशत के बीच उछाल दर्ज किया।
वैश्विक बाजारों में भी जोश का माहौल
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के शेयर बाजारों में इस शांति समझौते को लेकर उत्साह देखा गया। जापान का निक्केई सूचकांक 4 प्रतिशत से अधिक उछला, दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी 4 प्रतिशत से ऊपर रहा और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 भी 1.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। अमेरिकी फ्यूचर्स भी सकारात्मक संकेत दे रहे हैं, जिसमें S&P 500 फ्यूचर्स 0.8 प्रतिशत और नैस्डैक फ्यूचर्स 1.4 प्रतिशत की तेजी के साथ मजबूती दिखा रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब दोनों देश अगले 60 दिनों तक तकनीकी वार्ता करेंगे, जिसके बाद शुक्रवार तक औपचारिक समझौता होने की संभावना है। कुल मिलाकर, यह दिन वैश्विक कूटनीति की जीत और निवेशकों के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आया है।