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आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर ‘नमो ऑक्सीजन पार्क’ के जरिए क्रेडिट लेने का आरोप लगाया। कहा- काटे गए पेड़ों के बदले की भरपाई को अपनी उपलब्धि बता रहे हैं।
दिल्ली में ‘नमो ऑक्सीजन पार्क’ के उद्घाटन के साथ ही एक नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला कदम करार दिया है। AAP का आरोप है कि जिन पार्कों को भाजपा एक बड़े पर्यावरण अभियान के रूप में पेश कर रही है, वे दरअसल अनिवार्य ‘क्षतिपूरक पौधारोपण’ (Compensatory Afforestation) का हिस्सा हैं, जिन्हें अब राजनीतिक रंग देकर अपनी उपलब्धि के रूप में दिखाया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
वाह रे ड्रामा सरकार..
दिल्ली में ‘नमो ऑक्सीजन पार्क’ को बड़े पर्यावरणीय अभियान के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।
लेकिन ऐसे कई स्थान पहले से ही पेड़ कटाई के बदले किए गए अनिवार्य वृक्षारोपण का हिस्सा थे। ये भाजपाई कहीं भी क्रेडिट ले लेते हैं। pic.twitter.com/lsuFlVdZqJ
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) June 10, 2026
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली में 18 स्थानों पर शुरू किए गए ये ‘नमो ऑक्सीजन पार्क’ मुख्य रूप से उन 1,100 से अधिक पेड़ों की कटाई के बदले में लगाए गए हैं, जिन्हें 2024 में दक्षिणी रिज क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर काटा गया था। पर्यावरणविदों का मानना है कि इन पार्कों को एक नई उपलब्धि के रूप में दिखाना भ्रामक है, क्योंकि यह पेड़ों की कटाई के लिए एक कानूनी प्रक्रिया या दंड के तहत की गई भरपाई थी, जिसे अब भाजपा ‘उपलब्धि’ की तरह पेश कर रही है।
‘AAP’ का हमला: क्रेडिट लेने की सस्ती राजनीति
आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि भाजपा ने पर्यावरण के नाम पर केवल दिखावा किया है। पार्टी ने कहा:
- क्रेडिट की भूख: AAP ने आरोप लगाया है कि भाजपा उन पेड़ों के बदले की गई भरपाई को अपना ‘पर्यावरण प्रेम’ बता रही है, जो कानूनी प्रक्रिया के तहत मजबूरी में लगाने पड़े थे।
- अवैध कटाई का काला इतिहास: AAP ने भाजपा सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को याद दिलाया कि ये वही लोग हैं जिन्होंने रिज क्षेत्र में पेड़ों का नुकसान किया था। अब उसी नुकसान की भरपाई के लिए लगाए गए पौधों को ‘नमो’ नाम देकर अपनी पीठ थपथपाना भाजपा की ‘सस्ती राजनीति’ का प्रमाण है।
- खोखले दावे: AAP का तर्क है कि अगर भाजपा को वाकई पर्यावरण की चिंता होती, तो वे पेड़ों को काटने से पहले ही विचार करते, न कि काट देने के बाद उसे ‘ऑक्सीजन पार्क’ का नाम देकर मार्केटिंग करते।
क्या कहते हैं पर्यावरणविद?
क्षेत्र के जानकारों ने भी इस कदम की आलोचना की है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी पार्क में लगाए गए छोटे पौधों को वास्तविक ‘ऑक्सीजन पार्क’ बनने में लंबा समय लगता है। इसे अचानक एक नया पर्यावरणीय मील का पत्थर बताना जनता को गुमराह करने जैसा है।
पर्यावरण’ बनाम ‘मार्केटिंग’
दिल्ली की जनता देख रही है कि कैसे एक तरफ विकास के नाम पर हरियाली प्रभावित की जा रही है और दूसरी तरफ उसी की भरपाई को भाजपा अपने चुनावी एजेंडे के लिए ‘नमो’ टैग के साथ पेश कर रही है। आम आदमी पार्टी का मानना है कि भाजपा को पर्यावरण बचाने के नाम पर राजनीति बंद कर वास्तव में रिज क्षेत्र के वनों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, न कि केवल उद्घाटन के फीते काटकर जनता को बरगलाना चाहिए।