Table of Contents
हरियाणा में आयोजित कॉमनवेल्थ संसदीय सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधायी संस्थाओं की भूमिका पर जोर दिया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए किया पौधरोपण।
हरियाणा के लोक भवन में आयोजित ‘कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन’ (CPA) इंडिया रीजन जोन-II के दूसरे उत्तरी क्षेत्रीय सम्मेलन में देश भर के वरिष्ठ संसदीय प्रतिनिधियों और विधायी अधिकारियों का समागम हुआ। इस कार्यक्रम में राज्यपाल प्रोफेसर आसीm कुमार घोष, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला और राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश ने विशेष रूप से शिरकत की।
“संसदीय लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवाद अनिवार्य”
लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए विधायी संस्थाओं के बीच सतत संवाद और अनुभवों का आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा, “संसदीय कार्यप्रणाली में सुधार और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कानून बनाने की प्रक्रिया में ऐसे सम्मेलन मील का पत्थर साबित होते हैं। विधायिका जनता के प्रति जवाबदेही और पारदर्शी शासन का सबसे सशक्त माध्यम है।”
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज हरियाणा के लोक भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में द्वितीय कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) इंडिया रीजन ज़ोन-II नॉर्थ ज़ोन कॉन्फ्रेंस में शामिल होने देशभर से आए पीठासीन अधिकारियों एवं विशिष्ट प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर… pic.twitter.com/OCF61RLZPv
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 8, 2026
सम्मेलन के दौरान एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यपाल आसीm कुमार घोष, राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश और हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण ने लोक भवन परिसर में पौधरोपण किया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता और ‘सतत विकास’ (Sustainable Development) के संकल्प को दर्शाती है। अध्यक्ष बिरला ने कहा कि विकास के साथ-साथ प्रकृति का संतुलन बनाए रखना आज के जनप्रतिनिधियों की नैतिक जिम्मेदारी है।
“अंत्योदय और प्रभावी विधायी नेतृत्व”
सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि संसद और राज्य विधानसभाओं को लोक कल्याण का केंद्र बनना चाहिए। ओम बिरला ने प्रतिनिधियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें तकनीक का उपयोग करके संसदीय प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाना होगा ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक न्याय और शासन की पहुंच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक समावेशी बनाने का आह्वान किया।
हरियाणा की अतिथि सत्कार को सराहा
इस अवसर पर राज्यपाल आसीm कुमार घोष ने सभी आगंतुक प्रतिनिधियों का स्वागत किया और हरियाणा की गौरवशाली परंपराओं को रेखांकित किया। लोकसभा अध्यक्ष ने भी हरियाणा की मेजबानी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोकतांत्रिक ढांचे को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं और शासन में बेहतर तालमेल बनाने में मदद करते हैं।
यह सम्मेलन संसदीय लोकतंत्र को और अधिक प्रभावी, सहभागी और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।