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अभिनेत्री कंगना रनौत ने बताया कि उन्होंने अपनी सोशल मीडिया टीम से कंट्रोल क्यों वापस लिया। जानें कि उन्हें अपनी टीम के काम करने का तरीका क्यों पसंद नहीं था।
बॉलीवुड की बेबाक अभिनेत्री और मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत हमेशा ही अपने तीखे और स्पष्ट बयानों के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में एक विशेष साक्षात्कार में, कंगना ने खुलासा किया कि आखिर क्यों उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स का नियंत्रण अपनी टीम से वापस अपने हाथों में ले लिया। कंगना का मानना है कि सोशल मीडिया एक ऐसा मंच है जहाँ व्यक्ति को अपनी बात सीधे और बिना किसी फिल्टर के कहनी चाहिए। उन्होंने अपनी टीम द्वारा लिखे जाने वाले ‘औपचारिक’ और ‘दब्बू’ कैप्शन पर नाराजगी जताई और इसे अपनी मुखर छवि के विपरीत बताया।
“क्या हेडमास्टर को पत्र लिख रहे हो?” – कंगना का तीखा सवाल
कंगना ने अपनी टीम के कामकाज करने के तरीके पर कटाक्ष करते हुए कहा, “मैंने अपनी टीम से पूछा था कि यह क्या है? क्या आप स्कूल के हेडमास्टर को इतनी ज्यादा इज्जत के साथ पत्र लिख रहे हैं? ये किस तरह के कैप्शन हैं?” कंगना के अनुसार, उनकी टीम द्वारा लिखे गए कैप्शन ऐसे लगते थे मानो वे जीवित रहने के लिए किसी से माफी मांग रहे हों। उन्होंने कहा कि वह इस तरह के व्यवहार को पसंद नहीं करतीं। अभिनेत्री का मानना है कि सोशल मीडिया पर ‘सरल’ और ‘सच्ची’ बातें होनी चाहिए। यदि वह कुछ खा रही हैं, तो बस सीधे तौर पर वही लिखा जाना चाहिए, न कि उसमें अनावश्यक विनम्रता या माफी भरा लहजा हो।
सार्वजनिक जीवन का दबाव और सेलिब्रिटी होने का दंश
एक सेलिब्रिटी के तौर पर सार्वजनिक जीवन में रहना आसान नहीं होता। कंगना ने विस्तार से बताया कि कैसे एक छोटा सा निर्णय, एक फोटो का गलत एंगल या किसी बात को कहने का तरीका राष्ट्रीय स्तर पर एक मुद्दा बन सकता है। उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि हम अपनी गलतियों पर शर्मिंदा नहीं होते या हमें बुरा नहीं लगता।” कभी-कभी उन्हें भी लगता है कि उन्होंने कोई निर्णय गलत लिया या किसी और बेहतर तरीके से फोटो खिंचवाई जा सकती थी। लेकिन जब वही गलतियां या छोटे-मोटे निर्णय पूरे देश में अखबारों और वेबसाइट्स की सुर्खियां बन जाते हैं, तो यह वाकई में शर्मिंदगी का कारण बनता है। कंगना ने स्पष्ट किया कि एक सेलिब्रिटी के लिए उनकी व्यक्तिगत भूलें पूरे राष्ट्र के सामने परोस दी जाती हैं, जिससे निपटना एक बड़ी चुनौती है।
“टिप्पणियां मेरे लिए अप्रासंगिक हैं”
सोशल मीडिया पर मिलने वाले फीडबैक के बारे में पूछे जाने पर कंगना ने बहुत ही स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जहाँ तक लोगों की टिप्पणियों का सवाल है, वे उनके लिए पूरी तरह से ‘अप्रासंगिक’ हैं। उन्हें फर्क नहीं पड़ता कि लोग उनके बारे में क्या सोच रहे हैं या क्या कह रहे हैं। उनका मानना है कि जब आप स्वयं अपनी गलतियों को महसूस करते हैं और उनमें सुधार करना जानते हैं, तो बाहरी शोर का आप पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। कंगना का यह बेबाक अंदाज ही उन्हें अन्य फिल्मी हस्तियों से अलग करता है। वह अपनी शर्तों पर जीना और अपनी बात रखना पसंद करती हैं, चाहे वह राजनीतिक मंच हो या डिजिटल दुनिया।
आने वाली फिल्म: ‘भारत भाग्य विधाता’
अपने अभिनय सफर के बारे में बात करते हुए, कंगना रनौत जल्द ही एक महत्वपूर्ण फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में मुख्य भूमिका में दिखाई देंगी। यह फिल्म एक ड्रामा है जो 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों (healthcare workers) की बहादुरी, साहस और अटूट संकल्प को उजागर करने का प्रयास करेगी। इस फिल्म के जरिए कंगना एक बार फिर अपनी अभिनय क्षमता और सामाजिक रूप से जागरूक विषयों को चुनने की अपनी आदत को दोहराएंगी। ‘क्वीन’ और ‘मणिकर्णिका’ जैसी फिल्मों के बाद, प्रशंसक उन्हें एक बार फिर एक सशक्त किरदार में देखने के लिए उत्साहित हैं।
अपनी आवाज की मालिक कंगना
कंगना रनौत का यह खुलासा यह दिखाता है कि वह अपनी इमेज और अपनी बातों को लेकर कितनी सचेत हैं। आज के दौर में जहाँ हर सितारा अपनी टीम के माध्यम से एक ‘परफेक्ट’ इमेज बनाने की कोशिश करता है, वहीं कंगना का अपनी टीम से सोशल मीडिया का एक्सेस वापस लेना यह साबित करता है कि वह किसी के प्रभाव में आकर नहीं, बल्कि अपनी सोच के अनुसार ही चलना पसंद करती हैं। चाहे उनका सोशल मीडिया हो या उनका राजनीतिक सफर, कंगना रनौत ने हमेशा यह दिखाया है कि वह अपनी आवाज की मालकिन खुद हैं और किसी भी कीमत पर अपनी ईमानदारी से समझौता करने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका यह व्यक्तिगत और सीधा संवाद ही उनके प्रशंसकों को उनसे जोड़े रखता है।