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भगवंत मान सरकार के नेतृत्व में पंजाब के सरकारी स्कूलों में क्रांतिकारी बदलाव। शिक्षा सर्वेक्षणों में पंजाब नंबर-1, वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं से छात्रों का प्रदर्शन हुआ बेहतर।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब की शिक्षा प्रणाली में एक क्रांतिकारी बदलाव देखा जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों को ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ (School of Eminence) और अन्य आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के बाद, पंजाब की शिक्षा व्यवस्था अब पूरे देश के लिए एक मॉडल बन गई है। हालिया आंकड़ों और शिक्षा सर्वेक्षणों में पंजाब का नाम शिक्षा के क्षेत्र में नंबर-1 पर उभर कर सामने आया है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकता और विजन को दर्शाता है।
सरकारी स्कूलों का बदलता चेहरा
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਸਰਕਾਰੀ ਸਿੱਖਿਆ ਢਾਂਚੇ ਵਿੱਚ ਕੀਤੇ ਇਨਕਲਾਬੀ ਬਦਲਾਅ!
ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ਨੂੰ ਬਣਾਇਆ ਵਿਸ਼ਵ ਪੱਧਰੀ ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵੱਡੇ ਵਿੱਦਿਅਕ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ‘ਚ ਨਾਮਣਾ ਖੱਟ ਰਹੇ ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ਦੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਸਿੱਖਿਆ ਸਰਵੇਖਣਾਂ ‘ਚ ਪਹਿਲੇ ਨੰ.1 ‘ਤੇ ਗੂੰਜ ਰਿਹਾ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਨਾਂ pic.twitter.com/kT1FnOhdAA
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 8, 2026
पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से बदल दिया है। पुरानी इमारतों की जगह अब आधुनिक क्लासरूम, स्मार्ट लैब्स, और विश्व स्तरीय खेल सुविधाओं ने ले ली है। इसका सीधा असर छात्रों के प्रदर्शन पर पड़ रहा है। आज सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी न केवल बड़ी अकादमिक प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं, बल्कि शीर्ष स्थान हासिल कर पंजाब का गौरव बढ़ा रहे हैं। यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि सरकारी स्कूलों के छात्रों में किसी भी निजी संस्थान से बेहतर करने की क्षमता है, बस उन्हें सही मंच और संसाधन मिलने की आवश्यकता है।
देश के शिक्षा सर्वेक्षणों में पंजाब की धाक
विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा सर्वेक्षणों में पंजाब का नंबर-1 स्थान पर आना, राज्य सरकार की नीतियों की सफलता का परिणाम है। पंजाब सरकार की ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ योजना और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने शिक्षण की गुणवत्ता को एक नई ऊंचाई दी है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि शिक्षा पर किया गया निवेश ही राज्य के भविष्य को उज्ज्वल बनाने का एकमात्र मार्ग है।
“शिक्षा हमारी प्राथमिकता, विकास ही संकल्प”
पंजाब सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि शिक्षा में यह सुधार कोई छोटी उपलब्धि नहीं है, बल्कि एक बड़े बदलाव की शुरुआत है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर बच्चे को चाहे वह किसी भी आर्थिक पृष्ठभूमि से हो, विश्व स्तरीय शिक्षा सुलभ हो। पंजाब में शिक्षा क्रांति का यह नया दौर राज्य को एक बौद्धिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।