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हरियाणा सरकार ने ‘मेक इन हरियाणा’ औद्योगिक नीति 2026 लॉन्च की। राज्य में 5 लाख करोड़ का निवेश और 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का है लक्ष्य। जानिए क्या हैं इसकी मुख्य विशेषताएं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य को एक वैश्विक निवेश गंतव्य बनाने के लिए अपनी महत्वाकांक्षी ‘मेक इन हरियाणा’ औद्योगिक नीति 2026 का अनावरण कर दिया है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य अगले पांच वर्षों में राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और 10 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
क्या है नई औद्योगिक नीति में खास?
राज्य सरकार ने इस बार केवल एक नीति नहीं, बल्कि 9 नई सेक्टर-विशिष्ट औद्योगिक नीतियां लागू की हैं। इनमें डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स और उभरते हुए टेक्नोलॉजी सेक्टर पर विशेष जोर दिया गया है।
निवेशकों के लिए उठाए गए बड़े कदम:
हरियाणा बनेगा निवेश और रोजगार का नया ग्रोथ इंजन!
हरियाणा सरकार 10 नई औद्योगिक नीतियों के साथ प्रदेश में ₹5 लाख करोड़ तक का निवेश आकर्षित करने की तैयारी में है। इससे न केवल उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि 10 लाख से अधिक नए रोजगार के अवसरों का सृजन भी होगा।#Haryana… pic.twitter.com/dka50K4eHD
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 4, 2026
AI-सक्षम सिंगल विंडो सिस्टम: निवेशकों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। ‘इंटेलिजेंट इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन पोर्टल’ (Single Window 2.0) के जरिए सभी स्वीकृतियां, भूमि आवंटन और प्रोत्साहन एक ही मंच पर उपलब्ध होंगे।
- आकर्षक सब्सिडी: नई नीति में पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) का प्रावधान किया गया है, जो पहले नहीं था। कंपनियां अपनी लैब इक्विपमेंट और बुनियादी ढांचे के लिए भी वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगी।
- रोजगार प्रोत्साहन: नीति के तहत, राज्य के युवाओं को रोजगार देने वाली कंपनियों को प्रति कर्मचारी 1 लाख से 1.20 लाख रुपये तक के प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
- निर्यात में वृद्धि: सरकार का लक्ष्य राज्य से होने वाले व्यापारिक निर्यात को मौजूदा 1.62 लाख करोड़ रुपये से दोगुना कर 3.24 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।
पहले दिन ही 1.1 लाख करोड़ का निवेश
नीति लॉन्च होने के साथ ही उद्योग जगत ने जबरदस्त उत्साह दिखाया है। लॉन्च के पहले दिन ही 1.1 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए 75 से अधिक समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इनमें डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक के बड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह नीति हरियाणा को केवल मैन्युफैक्चरिंग हब ही नहीं, बल्कि इनोवेशन-संचालित अर्थव्यवस्था बनाएगी। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य के युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।