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हरियाणा सरकार द्वारा अंबाला छावनी में 1857 के शहीदों की याद में भव्य शहीदी स्मारक तैयार किया गया है। श्री अनिल विज ने बताया कि पीएम मोदी जल्द इसका उद्घाटन करेंगे।
अंबाला छावनी में बनकर तैयार हुआ भव्य 1857 शहीदी स्मारक
अंबाला: हरियाणा के अंबाला छावनी में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अनकहे नायकों को समर्पित एक भव्य ‘शहीदी स्मारक’ (War Memorial) का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। यह स्मारक न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक बनेगा। प्रदेश के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने इस गौरवशाली परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्घाटन जल्द ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा।
63 मीटर ऊंचा ‘कमल’ मेमोरियल टॉवर होगा मुख्य आकर्षण
अम्बाला छावनी में 1857 की लड़ाई के शहीदों को नमन करने हेतु भव्य शहीदी स्मारक का निर्माण किया गया है। स्मारक में 63 मीटर ऊंचा कमल के आकार का मेमोरियल टॉवर भी बनाया गया है, जिस पर रात्रि में लाइट एंड साउंड शो प्रदर्शित किया जाएगा।
“प्रधानमंत्री श्री @narendramodi शीघ्र ही शहीदी…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 11, 2026
इस शहीदी स्मारक की सबसे प्रमुख विशेषता यहाँ बनाया गया 63 मीटर ऊंचा मेमोरियल टॉवर है। इस टॉवर का डिजाइन राष्ट्रीय पुष्प ‘कमल’ के आकार में तैयार किया गया है, जो शांति और बलिदान का प्रतीक है। मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस टॉवर पर रात्रि के समय अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो का प्रदर्शन किया जाएगा। इस शो के माध्यम से 1857 की क्रांति में हरियाणा और अंबाला के वीरों द्वारा दिए गए बलिदान की गाथा को जीवंत किया जाएगा, जिससे युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध विरासत से जुड़ सकेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे राष्ट्र को समर्पित
स्मारक के निर्माण और इसकी भव्यता पर संतोष व्यक्त करते हुए श्री अनिल विज ने कहा, “अंबाला छावनी में 1857 की लड़ाई के शहीदों को नमन करने हेतु इस भव्य स्मारक का निर्माण किया गया है। यह हमारे उन शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है जिनका इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी शीघ्र ही इस शहीदी स्मारक का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे।”
अंबाला का ऐतिहासिक महत्व और स्मारक की विशेषताएँ
इतिहास गवाह है कि 10 मई 1857 को क्रांति की पहली चिंगारी अंबाला से ही फूटी थी। इस स्मारक का निर्माण लगभग 22 एकड़ भूमि पर किया गया है। स्मारक के भीतर निम्नलिखित मुख्य भाग होंगे:
- इंटरप्रिटेशन सेंटर: जहाँ क्रांति से जुड़ी ऐतिहासिक पांडुलिपियों और शस्त्रों को दर्शाया जाएगा।
- ओपन एयर थिएटर: सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ऐतिहासिक नाटकों के लिए।
- आधुनिक संग्रहालय: जिसमें डिजिटल तकनीकों के माध्यम से इतिहास की जानकारी दी जाएगी।
- वॉटर बॉडीज और गार्डन: जो पर्यटकों और आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे।
हरियाणा पर्यटन और गौरव को मिलेगा बढ़ावा
हरियाणा सरकार द्वारा निर्मित यह स्मारक अंबाला को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री श्री अनिल विज ने इस परियोजना की बारीकी से निगरानी की है ताकि यह स्मारक वास्तुकला और ऐतिहासिक सत्यता का अनूठा मेल बन सके। इस स्मारक के खुलने से न केवल देशभक्ति की भावना को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और पर्यटन को भी नई ऊंचाइयां मिलेंगी।