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हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने असम में हिमंत बिस्वा सरमा को सीएम चुनने में सह-पर्यवेक्षक की भूमिका निभाई। बंगाल और असम की जीत के बाद अब भाजपा नेतृत्व ने उन्हें पंजाब में जीत दिलाने का विशेष टास्क सौंपा है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भारतीय जनता पार्टी के एक ऐसे ‘संकटमोचक’ और ‘लकी चार्म’ के रूप में उभर रहे हैं, जिनकी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक कौशल ने देश के कई राज्यों में भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त किया है। हाल ही में पश्चिम बंगाल और असम में सरकार गठन की प्रक्रियाओं में उनकी सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व उन पर अटूट भरोसा रखता है।
असम और बंगाल की जीत के सूत्रधार
मई 2026 के शुरुआती सप्ताह भारतीय राजनीति के लिए ऐतिहासिक रहे हैं। शनिवार को जहाँ नायब सिंह सैनी पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के साक्षी बने, वहीं रविवार को वे असम में एक नई जिम्मेदारी में नजर आए। भाजपा नेतृत्व ने उन्हें असम में ‘सह-पर्यवेक्षक’ बनाकर भेजा, जहाँ उन्होंने केंद्रीय पर्यवेक्षक जे.पी. नड्डा के साथ मिलकर विधायक दल की बैठक का सफल संचालन किया। इस बैठक में हिमंत बिस्वा सरमा को सर्वसम्मति से लगातार दूसरी बार असम भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया।
भाजपा के ‘स्टार’ रणनीतिकार: जीत का शत-प्रतिशत ट्रैक रिकॉर्ड
आज गुवाहाटी, असम में माननीय केंद्रीय मंत्री श्री @JPNadda जी के साथ शक्तिपीठ माता कामाख्या देवी के पावन दरबार में दर्शन का सौभाग्य मिला।
माँ कामाख्या के श्रीचरणों में देश की निरंतर प्रगति, समस्त देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की।
जय माँ कामाख्या! pic.twitter.com/cvjyBVKVxX
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) May 10, 2026
नायब सैनी की लोकप्रियता केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रही है। दिल्ली, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, असम और विशेष रूप से पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक जीत में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। पार्टी के भीतर यह चर्चा आम है कि सैनी जिन विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के लिए गए, वहां भाजपा उम्मीदवारों की जीत की संभावनाएं कई गुना बढ़ गईं। उनकी सादगी और जनता से जुड़ने के तरीके ने उन्हें एक प्रभावी चुनावी रणनीतिकार बना दिया है।
धार्मिक आस्था और सांगठनिक मेल
असम दौरे के दौरान नायब सैनी ने अपनी आध्यात्मिक निष्ठा भी प्रदर्शित की। उन्होंने जे.पी. नड्डा के साथ गुवाहाटी स्थित शक्तिपीठ माता कामाख्या देवी के मंदिर में पूजा-अर्चना की और देश की समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित कर कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा से जुड़े रहने का संदेश दिया।
अगला लक्ष्य: पंजाब में ‘डबल इंजन’ सरकार का सपना
असम और बंगाल फतह के बाद अब भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने नायब सिंह सैनी को ‘मिशन पंजाब’ का महत्वपूर्ण टास्क सौंपा है। पंजाब में भाजपा की जड़ों को मजबूत करने के लिए वे दिन-रात एक कर रहे हैं।
- चंडीगढ़ में सक्रियता: सैनी रोजाना चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर पंजाब के नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं।
- धार्मिक और सामाजिक जुड़ाव: वे स्वयं पंजाब के विभिन्न जिलों का दौरा कर धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं, ताकि भाजपा को सीधे जनता से जोड़ा जा सके।
- विपक्ष पर प्रहार: पंजाब की स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता पहले कांग्रेस के कुशासन से दुखी थी और अब ‘आम आदमी पार्टी’ के वादों से तंग आ चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब के लोग हरियाणा और केंद्र की मोदी सरकार के विकास मॉडल को पसंद कर रहे हैं।
पंजाब में भाजपा की बारी
नायब सिंह सैनी का मानना है कि पंजाब में अब भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार बनने का समय आ गया है। सुवेंदु अधिकारी और हिमंत बिस्वा सरमा को बधाई देते हुए उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि भाजपा की अगली बड़ी जीत पंजाब में होगी। सैनी की यह चुनावी कुशलता और कार्यकर्ताओं में जोश भरने की क्षमता आने वाले समय में पंजाब की राजनीति की दिशा और दशा बदलने में निर्णायक साबित हो सकती है।