Table of Contents
दिग्गज गायिका आशा भोंसले के निधन के बाद अनुपम खेर ने उनके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने आशा जी को श्रद्धांजलि देते हुए एक भावुक नोट लिखा और उन्हें ‘राष्ट्रीय धरोहर’ बताया।
संगीत जगत के एक युग का अंत हो गया है। महान गायिका आशा भोंसले का 12 अप्रैल को मुंबई में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से न केवल फिल्म इंडस्ट्री, बल्कि पूरा देश शोक में डूबा हुआ है। दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा कर अपना दुख व्यक्त किया और दिवंगत गायिका के परिवार से मुलाकात की।
“शांति की आवाज”: अनुपम खेर का भावुक दौरा
शनिवार को अनुपम खेर दिवंगत आशा जी के मुंबई स्थित आवास पर पहुंचे। उन्होंने वहां उनके बेटे आनंद भोंसले, बहू अनुजा और पोती ज़ानाई भोंसले से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए खेर ने लिखा:
“आज आशा जी को श्रद्धांजलि देने उनके घर गया। घर में एक गहरा सन्नाटा था… ऐसा सन्नाटा जो बोलता है। फिर भी, उस खामोशी में मुझे उनकी गुनगुनाहट सुनाई दे रही थी। उनकी आवाज घर के हर कोने और हर याद में बसी हुई है।”
उन्होंने परिवार की सराहना करते हुए कहा कि आशा जी की पोती ज़ानाई और बेटा आनंद उनकी विरासत को बड़ी मजबूती और शालीनता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
“आशा जी एक युग थीं, सिर्फ गायिका नहीं”
इससे पहले, 12 अप्रैल को आशा जी के निधन के तुरंत बाद अनुपम खेर ने एक वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने उन्हें ‘राष्ट्रीय धरोहर’ बताते हुए कहा कि सात दशकों तक वह केवल संगीत उद्योग का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि खुद में एक ‘युग’ थीं।
खेर ने अपनी पोस्ट में लिखा,
“उनकी आवाज पीढ़ियों, भाषाओं और भावनाओं के पार गई। चुलबुले गानों से लेकर रूहानी गजलों तक, उन्होंने हर धुन को अपना बना लिया। लेकिन संगीत से परे, उनकी जिंदादिली, उनका आशावाद और जीवन के प्रति उनकी जिज्ञासा उन्हें असाधारण बनाती थी।”
उम्र को मात देने वाली शख्सियत
अनुपम खेर ने याद किया कि कैसे आशा जी हमेशा ऊर्जा से भरपूर रहती थीं। उन्होंने कहा, “उनकी आंखों में हमेशा एक चमक और मुस्कान में एक शरारत होती थी। उन्होंने हमें सिखाया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है और जीवन को अंत तक उत्साह के साथ जीना चाहिए। शारीरिक रूप से वह हमें छोड़ गई हैं, लेकिन उनकी आवाज हमेशा गूंजती रहेगी।”