डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर अपने विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों, समानता और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए सरकारी कार्यालयों में शहीद भगत सिंह और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें लगाना अनिवार्य किया है। उन्होंने बताया कि पहले सरकारी दफ्तरों में मुख्यमंत्री की तस्वीरें लगाने की परंपरा थी, जिसे बदलकर महापुरुषों को सम्मान देने की दिशा में कदम उठाया गया है।
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @AAPHarbhajan ਨੇ ਡਾ. ਭੀਮ ਰਾਓ ਅੰਬੇਡਕਰ ਜੀ ਦੇ ਜਨਮ ਦਿਹਾੜੇ ‘ਤੇ ਆਪਣੇ ਹਲਕੇ ਵਿਖੇ ਸਮਾਗਮ ‘ਚ ਕੀਤੀ ਸ਼ਿਰਕਤ !!
ਕਿਹਾ, ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਪਹਿਲੀ ਸਰਕਾਰ ਹੈ, ਜਿਸ ਨੇ ਸਰਕਾਰੀ ਦਫ਼ਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਫੋਟੋ ਦੀ ਬਜਾਏ ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਡਾ. ਭੀਮ ਰਾਓ ਅੰਬੇਡਕਰ ਜੀ ਦੀ ਫੋਟੋ ਲਾਉਣੀ ਲਾਜ਼ਮੀ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਅੱਜ ਮਾਨ… pic.twitter.com/1T8Yz6LUqp
— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 14, 2026
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान सरकार में अनुसूचित जाति समुदाय के प्रतिनिधित्व को विशेष महत्व दिया गया है। उनके अनुसार, मंत्रिमंडल में छह मंत्री एससी समुदाय से हैं, जो सरकार की समानता और समावेशी सोच को दर्शाता है।
हरभजन सिंह ETO ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान के निर्माता और सामाजिक न्याय के प्रतीक के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर के विचार आज भी समाज को समानता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक करते हैं।
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मंत्री ने कांग्रेस और भाजपा पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन दलों की नीतियों में हमेशा वंचित वर्गों के प्रति उपेक्षा रही है। हालांकि, इन आरोपों पर विपक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार का उद्देश्य संविधान के मूल्यों को मजबूत करना, हर वर्ग को समान अवसर देना और वंचित समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ना है। सरकार की नीतियाँ राज्य में सामाजिक न्याय और समानता को और सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रही हैं।