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वैशाख 2026 शुरू! जानें क्यों इस महीने तुलसी जी पर घड़ा (गलंतिका) बांधना और मंत्र जप करना माना जाता है शुभ। सुख-समृद्धि के लिए अपनाएं ये आसान नियम।
3 अप्रैल 2026 से पावन वैशाख मास का आरंभ हो चुका है। शास्त्रों में वैशाख को आध्यात्मिक उन्नति, दान और तर्पण के लिए सर्वश्रेष्ठ महीना माना गया है। इस पूरे माह में भगवान विष्णु के साथ-साथ तुलसी जी की सेवा करने से अनंत गुना फल की प्राप्ति होती है।
यदि आप भी अपने जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता चाहते हैं, तो वैशाख के दौरान तुलसी पूजन में इन विशेष नियमों का पालन अवश्य करें:
1. ‘गलंतिका’ (छोटा घड़ा) बांधना है अत्यंत शुभ
वैशाख की तपती गर्मी में तुलसी के पौधे को नमी प्रदान करना सेवा का सर्वोच्च रूप है। इस महीने तुलसी के ऊपर एक छोटा घड़ा (गलंतिका) बांधना बहुत शुभ माना जाता है। इससे बूंद-बूंद पानी गिरता रहता है, जो न केवल पौधे को हरा-भरा रखता है बल्कि घर में शांति का संचार भी करता है।
2. मंत्र जाप के साथ जल अर्पण
रोजाना सुबह स्नान के बाद शुद्ध मन से तुलसी जी को जल अर्पित करें। जल देते समय “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें। यह मंत्र विष्णु प्रिया तुलसी को अत्यंत प्रिय है और इससे साधक की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
3. परिक्रमा और संकल्प
केवल जल चढ़ाना ही काफी नहीं है, जल अर्पित करने के बाद तुलसी जी की 3 या 7 बार परिक्रमा करें। परिक्रमा करते समय मन में परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्यता की कामना करनी चाहिए।
4. संध्या काल में घी का दीपक
नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने के लिए शाम के समय तुलसी के पास शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है और सुख-शांति का मार्ग प्रशस्त होता है।
5. विशेष सावधानी और नियम
तुलसी पूजन करते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। वैशाख के महीने में तुलसी की विशेष देखभाल करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद सदैव बना रहता है। शास्त्रों के अनुसार, इस मास में किया गया तुलसी दान और सेवा अक्षय फलदायी होती है।