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हनुमान जी की 8 सिद्धियां क्या हैं? जानिए अणिमा, महिमा और लघिमा जैसी उन अलौकिक शक्तियों के बारे में जिन्होंने बजरंगबली को सबसे शक्तिशाली बनाया
हनुमान चालीसा में एक पंक्ति है— ‘अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, असबर दीन जानकी माता।’ इसका अर्थ है कि माता सीता ने हनुमान जी को आठ सिद्धियों और नौ निधियों का स्वामी बनाया था।
ये 8 सिद्धियां हनुमान जी को वह अलौकिक शक्तियाँ प्रदान करती हैं, जिससे वे असंभव कार्यों को भी संभव बना देते हैं। यहाँ उन 8 सिद्धियों का विवरण दिया गया है:
हनुमान जी की 8 सिद्धियाँ (Ashta Siddhis)
1. अणिमा (Anima)
इस सिद्धि के बल पर हनुमान जी अपना शरीर अणु (Atom) के समान छोटा बना सकते हैं।
उदाहरण: लंका में प्रवेश करते समय और सुरसा के मुख में प्रवेश करते समय हनुमान जी ने इसी सिद्धि का प्रयोग कर अपना रूप अत्यंत सूक्ष्म कर लिया था।
2. महिमा (Mahima)
इस सिद्धि से हनुमान जी अपने शरीर को असीमित रूप से बड़ा कर सकते हैं।
उदाहरण: समुद्र पार करते समय जब सुरसा ने अपना मुख बढ़ाया, तब हनुमान जी ने भी अपना शरीर विशालकाय कर लिया था।
3. गरिमा (Garima)
इस शक्ति से हनुमान जी अपने शरीर का भार (वजन) असीमित बढ़ा सकते हैं। इसे साधारण शब्दों में ‘अत्यधिक भारी होना’ कहते हैं।
उदाहरण: महाभारत काल में जब भीम को अपनी शक्ति पर अहंकार हुआ था, तब हनुमान जी ने अपनी पूंछ को इतना भारी कर दिया था कि भीम उसे हिला भी नहीं सके थे।
4. लघिमा (Laghima)
यह सिद्धि ‘गरिमा’ के ठीक विपरीत है। इससे हनुमान जी अपने शरीर को पंख की तरह हल्का कर सकते हैं।
उदाहरण: अशोक वाटिका में जब हनुमान जी पेड़ों पर यहाँ-वहाँ घूम रहे थे, तब इसी सिद्धि के कारण पत्तों और डालियों को उनके वजन का आभास तक नहीं हुआ।
5. प्राप्ति (Prapti)
इस सिद्धि से हनुमान जी किसी भी वस्तु को बिना किसी बाधा के तुरंत प्राप्त कर सकते हैं। वे पशु-पक्षियों की भाषा समझ सकते हैं और भविष्य देख सकते हैं।
6. प्राकाम्य (Prakamya)
इस सिद्धि के बल पर हनुमान जी पृथ्वी की गहराइयों में जा सकते हैं, आकाश में उड़ सकते हैं और इच्छा अनुसार किसी भी रूप में ढल सकते हैं। वे लंबे समय तक पानी के अंदर भी रह सकते हैं।
7. ईशित्व (Ishitva)
यह ईश्वरत्व की सिद्धि है। इससे हनुमान जी को दैवीय शक्तियां प्राप्त होती हैं। इसके प्रभाव से वे किसी को भी जीवन दे सकते हैं या नियंत्रित कर सकते हैं।
8. वशित्व (Vashitva)
इस सिद्धि के माध्यम से हनुमान जी किसी को भी अपने वश में कर सकते हैं। वे न केवल मनुष्यों बल्कि पशु-पक्षियों और शत्रुओं के मन को भी नियंत्रित करने की शक्ति रखते हैं।