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दिल्ली सरकार ने विधवा और दिव्यांग पेंशनधारकों को PMJAY में शामिल किया। अब 5.5 लाख परिवार मुफ्त इलाज का लाभ उठाएंगे। राजधानी में स्वास्थ्य सुरक्षा और समावेशी स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक और समावेशी कदम उठाते हुए विधवाओं और दिव्यांग पेंशनधारकों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) में शामिल किया है। अब इन लाभार्थियों के परिवार भी इस योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ उठा सकेंगे।
कैबिनेट बैठक में लिया गया निर्णय
यह महत्वपूर्ण निर्णय मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस फैसले से लाखों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सीधा सकारात्मक असर पड़ेगा।
हमारी सरकार द्वारा आज कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि विधवा एवं दिव्यांग पेंशनधारियों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाएगा।
तकरीबन 3.96 लाख बहनों और लगभग 1.31 लाख दिव्यांगजनों को अब ₹10 लाख तक का निःशुल्क उपचार मिलेगा।#AyushmanBharatYojana pic.twitter.com/fQrAw2gqX2
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) February 24, 2026
विधवा पेंशन की लगभग 3,96,615 महिला लाभार्थियों और दिव्यांग पेंशन के करीब 1,31,515 लाभार्थियों को सीधे फायदा मिलेगा। इस कदम से लगभग 5.5 लाख अतिरिक्त परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत छतरी के नीचे आ जाएंगे। ये परिवार अंत्योदय अन्न योजना (AAY), प्रायोरिटी स्कीम (PRS), 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य पात्र समूहों के अतिरिक्त होंगे।
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आयुष्मान कार्ड और अस्पताल नेटवर्क
दिल्ली सरकार के अनुसार, अब तक 7,23,707 आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 2,74,620 कार्ड वरिष्ठ नागरिकों को दिए गए हैं। योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राजधानी में 208 अस्पतालों का नेटवर्क बनाया गया है, जिसमें 156 निजी और 53 सरकारी अस्पताल शामिल हैं।
स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA), दिल्ली के माध्यम से अब तक 29,120 से अधिक लाभार्थियों को PMJAY के तहत इलाज मिल चुका है।
समावेशी और जनहितकारी पहल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह निर्णय केवल प्रशासनिक नहीं है, बल्कि दिल्ली के हर जरूरतमंद परिवार के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा है। इस पहल से राजधानी में स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा अभूतपूर्व रूप से बढ़ेगा और कोई भी पात्र व्यक्ति गुणवत्तापूर्ण और किफायती इलाज से वंचित नहीं रहेगा।