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मुख्यमंत्री नायब सैनी ने फरीदाबाद के सूरजकुंड में दीपावली मेला 2025 का उद्घाटन किया। इस मेले में 500 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, और “आत्मनिर्भर भारत” थीम के तहत विकास और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने फरीदाबाद के सूरजकुंड में दीपावली मेला 2025 का उद्घाटन किया। यह मेला 2 से 7 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें 500 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिसमें देशभर के विभिन्न कलाकार और कारीगर शामिल हुए हैं। मेले का आयोजन हरियाणा टूरिज्म द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा, विपुल गोयल, राज्य मंत्री राजेश नागर और विधायक मूलचंद शर्मा समेत कई अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद रहे।
“आत्मनिर्भर भारत” थीम पर आधारित दीपावली मेला
दीपावली मेले का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि इस साल मेले की थीम “आत्मनिर्भर भारत” रखी गई है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों से प्रेरित है। सीएम ने बताया कि यह मेले का आयोजन “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार सेवा पखवाड़ा” के तहत किया गया है, जो प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से लेकर 3 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री मोदी का 2047 तक भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने का लक्ष्य
सीएम नायब सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने के मिशन का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन हमारी योजना है कि हम आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर 2047 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनें।”
किसान कल्याण पर सीएम नायब सैनी का बयान
मुख्यमंत्री ने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा किसानों के हित में फैसले लिए हैं। उन्होंने विपक्ष द्वारा एमएसपी समाप्त करने के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि पीएम मोदी लगातार किसानों की आय बढ़ाने के लिए एमएसपी बढ़ाते रहे हैं।
दीपावली मेला: एक सांस्कृतिक और आर्थिक उत्सव
सूरजकुंड में आयोजित दीपावली मेला न केवल हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित कर रहा है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। इस मेले के माध्यम से स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन मिलता है, और इससे राज्य की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है।
मुख्य आकर्षण और आयोजक
दीपावली मेला में 500 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कारीगरों और शिल्पकारों द्वारा हाथ से बने सामान, दीप, सजावट की वस्तुएं, और स्वदेशी उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है। इस मेले का उद्देश्य न केवल दिवाली के त्योहार को मनाना है, बल्कि हरियाणा के पारंपरिक हस्तशिल्प और कला को भी बढ़ावा देना है।