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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा के लिए सिविल सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ फसल के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। सभी मंडियों और खरीद केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मंडी में 24 घंटे एक निरीक्षक तैनात करने और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को फसल खरीद की पूरी जानकारी एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। किसानों को मोबाइल पर गेट पास भेजा जाएगा, जिसे वे आसानी से डाउनलोड कर सकेंगे।
सोयाबीन, काला तिल, उड़द और अरहर की फसलों को मिलेगा बोनस
मुख्यमंत्री ने सोयाबीन सहित काला तिल, उड़द, अरहर जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए बोनस देने की भी घोषणा की। उन्होंने किसानों के हित में नमी जांच के लिए उन्नत तकनीकी मशीनें खरीदने और मंडियों में प्रयोगशालाएं स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि फसल की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
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मंडियों में आधुनिक सुविधाओं का प्रबंध
नायब सिंह सैनी ने कहा कि मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए पीने के पानी, स्वच्छता, जल निकासी और फसल सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगाए जाएं ताकि फसल का सही वजन हो सके। बारिश से फसल की सुरक्षा के लिए पर्याप्त तिरपाल और उच्च गुणवत्ता के भंडारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए एमएसपी दरें घोषित
सरकार ने खरीफ सीजन 2025-26 के लिए विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किए हैं। इसमें धान के लिए 2369 रुपये प्रति क्विंटल, ज्वार के लिए 3699 रुपये, बाजरा 2775 रुपये, मक्का 2400 रुपये, तूर/अरहर 8000 रुपये, मूंग 8768 रुपये, उड़द 7800 रुपये, मूंगफली 7263 रुपये, सोयाबीन (पीला) 5328 रुपये, तिल 9846 रुपये और काला तिल 9537 रुपये प्रति क्विंटल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से अपील की है कि वे किसानों को बेहतर सेवाएं देने और खरीफ फसलों की सही खरीद सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करें ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके।